ओडिशा के संबलपुर जिले में रेढ़ाखोल सब-जेल के चीफ वार्डर दिलीप कुमार दास बड़े विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि वह जेल से बाहर आने के बाद जमानत पर रिहा हुए दो पूर्व कैदियों के साथ घूमते और पार्टी करते नजर आए। मामला सामने आने के बाद जेल विभाग ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिन दो लोगों के साथ चीफ वार्डर को देखा गया, उनकी पहचान बिहार के अखिलानंद मिश्रा और सुनील शंकर के रूप में हुई है। यह दोनों को नशीले पदार्थ की तस्करी से जुड़े आरोपी बताए जा रहे हैं। दोनों पहले रेढ़ाखोल सब-जेल में बंद थे और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
वायरल वीडियो में क्या?
इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चीफ वार्डर दिलीप कुमार दास इन दोनों पूर्व कैदियों के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद दोनों के बीच संबंधों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। विवाद इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि जेल के नियमों के अनुसार जेल कर्मचारियों को कैदियों या जेल से रिहा हुए आरोपियों के साथ किसी भी तरह के अनुचित संबंध या अवैध संपर्क रखने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में इस मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल के अंदर कुछ गलत नहीं हुआ- जेलर
वायरल वीडियो को लेकर यह भी आरोप लगाए गए हैं कि चीफ वार्डर उस समय शराब के नशे में थे। मामले में रेढ़ाखोल जेल के जेलर लक्ष्मीकांत मुर्मू ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि चीफ वार्डर जेल के बाहर किन लोगों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी निगरानी में जेल के अंदर किसी भी तरह की कोई अवैध गतिविधि नहीं हुई है। जेलर ने यह भी कहा कि अगर चीफ वार्डर जेल परिसर के बाहर किसी से मिलते हैं तो वह उनका व्यक्तिगत मामला है। उन्होंने दोहराया कि जेल के अंदर इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है और बाहर की गतिविधियों पर वह कुछ नहीं कह सकते। फिलहाल वायरल वीडियो का संज्ञान ले लिया गया है और वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)
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