राम मंदिर में दान की लूट के मामले में अब तेजी से कार्रवाई हो रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने एक आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर बुलडोज़र चलाने के लिए नोटिस जारी किया है। वहीं SIT ने आज अयोध्या पहुंच कर दूसरे चरण की जांच शुरू कर दी। फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने थाने में तहरीर देकर चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ तत्काल FIR दायर करने की मांग की है।
अयोध्या पुलिस ने अब तक कैश की बरामदगी का जो ब्यौरा दिया है, उसके मुताबिक, अब तक कुल 79 लाख 85 हजार रुपए बरामद किए गये हैं। सबसे ज्यादा 20 लाख 39 हजार 220 रुपए की बरामदगी अनिवाश शुक्ला से हुई है। इसमें 1121 डॉलर भी शामिल हैं। अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ का रहने वाला है। तीन महीने पहले तक वो राम मंदिर के पास ठेला लगाकर पानी बेचता था। इसका भाई योग संस्थान में योग सीख रहा था। उसने इसे अपने साथ रखा, वहां से ये मंदिर के लोगों के संपर्क में आया। फिर संस्थान के प्रभारी ने ट्रस्ट के लोगों से कहकर इसे चढ़ावे की काउंटिंग के काम में लगवा दिया। अविनाश शुक्ला को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
जो आठ लोग पकड़े गए है, उनमें टिन्नू यादव सबसे अमीर है। उसके अयोध्या में तीन आलीशान मकान हैं, एक बड़ा हॉस्टल है, छह होटल्स और रेस्ट्रां में पार्टनरशिप है, लेकिन उसके पास से सिर्फ 1 लाख कैश बरामद हुआ है। ऐसा लगता है कि टिन्नू यादव को खबर मिल गई थी, इसलिए उसे अपनी काली कमाई छुपाने का मौका मिल गया। आगे की जांच में उसका सारा पैसा, सारी प्रॉपर्टी और कमाई बाहर आ जाएगी। इन पापियों ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को चोट पहुंचाई है। इनके हाथ जो लगा, वो सब चुरा लिया। दस-दस के नोट और पांच-पाच रुपये के सिक्के भी नहीं छोड़े।
जो ठेला लगाते थे, डिलीवरी ब्वॉय का काम करते थे, जो ऑटो चलाता था, वो करोड़पति बन गए। अब पुलिस पाई-पाई का हिसाब करेगी। असल में जिस 80 लाख रुपये के ब्यौरे आज सामने आये हैं, ये रकम तो चंपत राय ने 6 जून को ही रिकवर कर ली थी। बाद में पुलिस ने इस धनराशि को रिकार्ड पर लिया। इससे पहले ये पैसा चंपत राय के पास ताले में बंद रखा था। SIT ने भी अपनी जांच में करीब 20 लाख रुपये जब्त किए हैं। कुछ लोगों ने चोरी के पैसे किसी और के नाम से बैंक में जमा करा दिए थे। कुछ लोगों ने लूट के माल से प्रापर्टी खरीद ली थी।।ये सारा सच एक-एक करके सामने आएगा।
जब से राम मंदिर में चोरी का मामला सामने आया है चंपत राय ने पब्लिक के सामने कोई सफाई नहीं दी, पर SIT और पुलिस से चंपत राय ने खुलकर बात की। चंपत राय ने कहा कि उन्होंने टिन्नू यादव पर भरोसा किया, लेकिन टिन्नू ने उन्हें धोखा दिया। चंपत राय बहुत दुखी और आहत नज़र आए। वो हर वक्त सवालों का जवाब देने के लिए तैयार थे लेकिन टिन्नू यादव से कुछ भी निकलवाना टेढ़ी खीर था। जब टिन्नू यादव से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वो चंपत राय के पास जाकर रोया लेकिन चंपत राय ने उसकी मदद करने से इनकार कर दिया।
चंपत राय को ये भी शक है कि टिन्नू यादव ने ही दान पात्र में चोरी की खबर समाजवादी पार्टी के MLA पवन पांडे को लीक की। उसने पवन पांडे से कहलवाया कि सात-आठ करोड़ की चोरी हुई है। चंपत राय ने कहा कि मैंने गलत लोगों पर विश्वास कर लिया। ज़ाहिर है, अगर चंपत राय चाहते, तो ये चोरी जनवरी में रोकी जा सकती थी। राम मंदिर के दानपात्र में चोरी का मामला विश्वासघात, धोखा और फरेब का है। RSS ने चंपत राय पर भरोसा किया, चंपत राय ने लापरवाही की। चंपत राय ने टिन्नू यादव और अनिल मिश्रा पर भरोसा किया, उन्होंने चंपत राय को धोखा दिया।
चंपत राय ये तो मानते हैं कि उन्होंने गलत लोगों पर विश्वास किया पर ये मानने को तैयार नहीं कि बार बार चेतावनी मिलने और अलग-अलग लोगों के कहने के बावजूद उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी। काउंटिंग रूम में जब Spycam लगाया गया, लोग जेबों में नोट भरते दिखाई दिए, तो भी चंपत राय उन पापियों को पुलिस को सौंपने के लिए तैयार नहीं थे। जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को अगर ये पता चल जाए कि किसी ने भगवान के घर में चोरी की है और वो उसे सज़ा देने को तैयार न हो, तो उसे भी इस पाप में बराबर का भागीदार माना जाएगा। ऐसी हालत में सिर्फ धोखा देना ही नहीं, धोखा खाना भी अपराध होता है। गुनाह करना ही अपराध नहीं है, किसी के पाप को छुपाना भी अपराध है।
उत्तराखंड: नया मदरसा कानून एक अच्छा कदम
उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू हो गया है, अब जितने भी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान हैं, उन्हें अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अब बिना रजिस्ट्रेशन के न कोई मदरसा चलेगा, न गुरुकुल और न कोई दूसरा धार्मिक शिक्षा संस्थान। इस नियम का सबसे बड़ा असर मदरसों पर होगा। 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म हो गया। अब हर मदरसे को मान्यता लेनी होगी और उनमें सरकारी सिलेबस लागू होगा। मदरसों में अंग्रेजी , हिंदी, गणित, विज्ञान, समाज विज्ञान जैसे विषय पढाए जाएंगे। हालांकि सरकार ने मजहबी तालीम देने पर कोई रोक नहीं लगाई है लेकिन जो बच्चे मजहबी तालीम लेना चाहते हैं, उनके लिए मदरसों में एक्सट्रा क्लास का इंतजाम करना जरूरी होगा। सुबह बोर्ड का सिलेबस पढ़ाया जाएगा। मजहबी तालीम की क्लास शाम को अलग से चलेंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनका मकसद किसी धर्म या मजहब को नुकसान पहुंचाना नहीं है, वह चाहते हैं सभी धर्मों के बच्चों को पढ़ने का, आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले लेकिन कुछ लोग इसे मदरसों से जोड़ रहे हैं और मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तराखंड में कुल 952 मदरसे थे। इनमें से 250 मदरसे पिछले साल दिसंबर तक सील किए जा चुके थे। 452 मदरसों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, इनमें चालीस हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं।
सिर्फ 52 मदरसे ऐसे हैं जिनमें 12वीं तक की पढ़ाई होती है। अब तक इन बच्चों को सिर्फ इस्लामिक शिक्षा मिलती थी, पढ़ाई के बाद वे मस्जिदों में मौलवी बन जाते थे या फिर मदरसों में टीचर, दूसरी जगह नौकरी की कोई संभावना नहीं थी। अब अगर ये बच्चे भी गणित, विज्ञान जैसे विषय पढेंगे, तो दूसरे बच्चों की तरह उनके लिए भी उच्च शिक्षा के द्वार खुलेंगे, वे भी इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक बन पाएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि पुष्कर सिंह धामी का ये फैसला अच्छा है।
बंगाल: अंडा फेंकना गलत है
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर अंडें फेंके जाने की घटनाओं पर सख्त नाराजगी ज़ाहिर की। कोर्ट ने इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए। बंगाल में सरकार बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ आम लोगों का गुस्सा निकल रहा है। जिन नेताओं की गिरफ्तारी हो रही है।उन पर पब्लिक अंडे फेंक रही है। इस तरह की घटनाओं के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में PIL फाइल की गई थी। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आरोपी या राजनीतिक व्यक्ति के सम्मान और उसकी जान की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इस तरह के हमले की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
मैंने पहले भी कहा है, फिर कह रहा हूं कि अंडे, सड़े हुए टमाटर फेंकना, किसी आरोपी को पुलिस की मौजूदगी में पीटना, इन सबको किसी भी तरह न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। ये काम गलत है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी नेता शमिक भट्टाचार्य की ये बात भी गलत है कि पुलिस हर किसी की जेब चेक नहीं कर सकती क्योंकि पुलिस को इसकी जरूरत ही नहीं है। सरकारें तो इकबाल से चलती हैं। अगर लोगों को पता होगा कि पुलिस एक्शन लेगी, जेल जाना पड़ेगा तो कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा। इसलिए इधर उधर के बहाने बनाने की बजाय ऐसी हरकतों को बंद कराने की कोशिश होनी चाहिए। (रजत शर्मा)
देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 01 जुलाई, 2026 का पूरा एपिसोड







































