अगर आप थाईलैंड घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। थाईलैंड सरकार ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, अब वहां बिना वीजा रहने की अधिकतम अवधि पहले के मुकाबले कम कर दी गई है। नए नियम के तहत भारतीय पर्यटक अब 60 दिन की जगह केवल 30 दिन तक ही वीजा-फ्री रह सकेंगे। यह फैसला थाई कैबिनेट की बैठक में मंजूर किया गया है।
थाईलैंड के पर्यटन मंत्री सुरसाक फनचारोएनवोराकुल के अनुसार, सरकार ने भारतीय पर्यटकों की यात्रा की अवधि को देखते हुए यह फैसला लिया है। उनका कहना है कि ज्यादातर भारतीय पर्यटक 30 दिन से कम समय के लिए ही थाईलैंड जाते हैं। इसलिए नई व्यवस्था उनके यात्रा पैटर्न के अनुरूप है। सरकार ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में किसी तरह की समस्या सामने आती है तो इस फैसले की समीक्षा की जा सकती है।
पहले क्या था नियम?
अब तक भारतीय नागरिक बिना वीजा के 60 दिन तक थाईलैंड में रह सकते थे। हालांकि, मई में थाई सरकार ने वीजा-फ्री देशों की संख्या घटाने और रहने की अवधि 30 दिन करने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया था, जिससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति बन गई और भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी असर पड़ा।
भारत थाईलैंड के लिए क्यों है अहम?
भारत इस साल थाईलैंड आने वाले पर्यटकों के मामले में चीन और मलेशिया के बाद तीसरा सबसे बड़ा सोर्स है। ऐसे में भारतीय पर्यटक थाईलैंड के पर्यटन उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी वजह से सरकार ने भारतीयों के लिए वीजा-फ्री सुविधा जारी रखने का फैसला किया है।
दूसरे देशों को भी मिला फायदा
भारत के अलावा क्रोएशिया, बुल्गारिया, साइप्रस, माल्टा और मालदीव के नागरिकों को भी 30 दिन की वीजा-फ्री एंट्री की मंजूरी दी गई है। इसके बाद अब कुल 60 देशों और क्षेत्रों के नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। थाई सरकार का कहना है कि वीजा-फ्री व्यवस्था का कुछ विदेशी नागरिक गलत इस्तेमाल कर रहे थे। कुछ लोग अवैध रूप से काम कर रहे थे या नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसी वजह से सरकार ने निगरानी बढ़ाने और नियमों को अधिक संतुलित बनाने का फैसला लिया है।






































