उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए जल्द ही ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली है। राजधानी का पहला इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर इस साल दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद है। इस खास परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही ढांचे पर ऊपर मेट्रो ट्रेन चलेगी और नीचे फ्लाईओवर पर वाहन दौड़ेंगे। दिल्ली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए संशोधित लागत 291 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वजीराबाद रोड पर बन रहे इस 1.40 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का लगभग 88 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फ्लाईओवर के 80 डेक स्लैब में से 74 तैयार हो चुके हैं, जबकि अधिकांश क्रैश बैरियर और एक्सपेंशन ज्वाइंट का काम भी पूरा कर लिया गया है। कुछ तकनीकी और अनुमति संबंधी देरी के कारण परियोजना प्रभावित हुई थी, लेकिन अब इसे तेज गति से पूरा किया जा रहा है।
ऊपर मेट्रो, नीचे सड़क… ऐसा होगा नया सिस्टम
यह परियोजना लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की संयुक्त पहल है। इसमें फ्लाईओवर और मेट्रो कॉरिडोर को एक ही संरचना में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ नई सड़कें, फुटपाथ, ड्रेनेज सिस्टम, बिजली की व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और मॉर्डन रोड साइनेज जैसी सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं।
यमुना विहार और भजनपुरा के लोगों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
सरकार का कहना है कि फिलहाल यमुना विहार और भजनपुरा क्षेत्र भारी ट्रैफिक दबाव झेलते हैं। डबल-डेकर फ्लाईओवर बनने के बाद करीब 65 से 70 प्रतिशत वाहन सीधे फ्लाईओवर से गुजरेंगे। इससे नीचे की सड़क पर केवल स्थानीय ट्रैफिक रहेगा और रोजाना लगने वाले लंबे जाम से काफी राहत मिलेगी। साथ ही गोकुलपुरी से सिग्नेचर ब्रिज तक लोगों को लगभग सिग्नल-फ्री सफर का लाभ मिलेगा।
सरकारी सेवाएं भी होंगी तेज और आसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार केवल सड़क और मेट्रो परियोजनाओं पर ही नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं को भी तेज और पारदर्शी बनाने पर काम कर रही है। समीक्षा के बाद 18 विभागों की 95 प्रमुख सेवाओं में सुधार किया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 84 सेवाओं के निपटारे का समय भी कम कर दिया गया है।






































