दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच रेल नेटवर्क और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बल्लारी से गुंटकल (Ballari – Guntakal) सेक्शन के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी है। ₹1,264 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से तैयार होने वाला यह 46 किलोमीटर लंबा रेल प्रोजेक्ट अगले 3 वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से न केवल ट्रेनों की रफ्तार और संख्या बढ़ेगी, बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।
बल्लारी-गुंटकल रूट पर बिछने वाली इस नई रेल लाइन के तहत विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इस रूट की लंबाई 46 किलोमीटर होगी, जिसकी कुल लागत ₹1,264 करोड़ है। इस रेल मार्ग पर वेदवती नदी पर 762 मीटर लंबा एक मेगा ब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा 7 बड़े पुल और 52 छोटे पुलों का निर्माण भी शामिल है।
स्टील और सीमेंट क्लस्टर को मिलेगा सीधा फायदा
यह नई रेल लाइन बल्लारी-हॉसपेट के बड़े स्टील और सीमेंट क्लस्टर से माल परिवहन को बेहद आसान और तेज बना देगी। इसके साथ ही, प्रोजेक्ट बंदरगाहों से कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से हर साल 1.6 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी। वहीं, लॉजिस्टिक्स लागत में सालाना ₹149 करोड़ की भारी बचत होने का अनुमान है।
पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर
यह रेलवे प्रोजेक्ट न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है। माल परिवहन के रेलवे पर शिफ्ट होने से प्रतिवर्ष 6.67 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की बचत होगी, जो लगभग 27 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट के निर्माण और संचालन के दौरान 31 लाख मानव-दिवस के बराबर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़ा फायदा मिलेगा। आपको बता दें कि हाल ही में मोदी कैबिनेट ने ओडिशा और झारखंड के लिए दो महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इन परियोजनाओं पर करीब 3,907 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके पूरा होने के बाद भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी और ट्रेनों का संचालन पहले से ज्यादा तेज और सुगम हो सकेगा।







































