भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अपनी मौजूदा ‘1033’ नेशनल हाईवे हेल्पलाइन को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ अपग्रेड करने की योजना बना रहा है। NHAI ने सोमवार को कहा कि नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को तेजी से और बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के लिए ये योजना बनाई जा रही है। बताते चलें कि ये एक टोल फ्री सर्विस है, जिसके तहत नेशनल हाईवे से यात्रा करने वाले लोगों को कई तरह की इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
1033 हेल्पलाइन की अपडेटेड सर्विस में इस्तेमाल किया जाएगा AI
पब्लिक सेक्टर की एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अपडेट की गई 1033 हेल्पलाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जगह की तत्काल निगरानी और स्मार्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
अपडेटेड सिस्टम से 1033 हेल्पलाइन पर फोन करने वाले लोगों की मिलेगी सटीक लोकेशन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बयान में कहा कि इन सुधारों से 1033 हेल्पलाइन पर फोन करने वाले लोगों की सटीक लोकेशन की पहचान करने, अलग-अलग भारतीय भाषाओं में कॉल को समझने और ज्यादा तेजी से उचित मदद भेजने में सहायता मिलेगी। एनएचएआई ने कहा कि ह्यूमन ऑपरेटर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेंगे, विशेष रूप से इमरजेंसी जैसे हालातों में जहां मानवीय फैसलों और सूझबूझ की जरूरत होती है।
नई जनरेशन का 1033 प्लेटफॉर्म तेजी से मदद पहुंचाने में करेगा सहायता
एनएचएआई के अनुसार, नई जनरेशन का 1033 प्लेटफॉर्म कॉल प्राप्त करने, तेजी से मदद पहुंचाने, सटीक लोकेशन पर मदद भेजने और इमरजेंसी टीमों को मौके पर पहुंचाने के लिए कॉल करने वाले की सटीक जगह को तत्काल में दर्ज करने जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।
NHAI ने साल 2018 में शुरू की थी 1033 हेल्पलाइन
बताते चलें कि NHAI ने साल 2018 में 1033 हेल्पलाइन शुरू की गई थी और ये सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध रहती है। ये हेल्पलाइन नेशनल हाईवे से गुजरने वाले लोगों को मेडिकल इमरजेंसी, गाड़ी खराब होने, एम्बुलेंस, क्रेन और गश्ती वाहनों से सहायता प्रदान करने में मदद करती है। इस समय ये हेल्पलाइन 1.46 लाख किलोमीटर से ज्यादा नेशनल हाईवे पर सेवाएं देती है और इस पर रोजाना लगभग 15,000 कॉल आती हैं। ये कई भाषाओं में सहायता भी देती है।
ये भी पढ़ें





































