पश्चिम एशिया में जारी तनाव समेत अन्य भू-राजनीतिक संकट के कारण पूरी दुनिया महंगाई से त्रस्त है। भारत भी महंगाई के चंगुल से बच नहीं पाया है। देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। खाने-पीने की चीजें महंगा होने से सितंबर में खुदरा महंगाई दर (मुद्रास्फीति) बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। सरकार ने सोमवार को महंगाई से जुड़े ताजा आंकड़ें जारी किए हैं। बताते चलें कि अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित महंगाई दर 4.83 प्रतिशत के स्तर पर थी।
सितंबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर हुई 7.74 प्रतिशत
जनवरी में जारी नई सूचकांक श्रृंखला के तहत सितंबर की महंगाई दर अबतक के सबसे ऊंचे स्तर पर रही। खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर सितंबर में बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले महीने ये 5.97 प्रतिशत थी। इस बढ़ोतरी के साथ महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर चली गई, हालांकि ये केंद्रीय बैंक की 2-6 प्रतिशत की स्वीकार्य सीमा के भीतर है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले ही हफ्ते महंगाई की चिंताओं के बीच रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था।
प्याज की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी
कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) से मापी जाने वाली खाद्य महंगाई दर अगस्त के 5.97 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 7.74 प्रतिशत हो गई। प्रमुख चीजों में प्याज की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्याज की महंगाई दर अगस्त के 48.78 प्रतिशत से बढ़कर 108.09 प्रतिशत हो गई। लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत से बढ़कर 54.62 प्रतिशत हो गई, जबकि नींबू की कीमतों में पिछले महीने के 15.15 प्रतिशत की तुलना में 36.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
ग्रामीण भारत में 6 प्रतिशत के पार निकली महंगाई
हालांकि, कुछ सब्जियों में राहत भी मिली। आलू की कीमतों में साल-दर-साल 11.50 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टमाटर की कीमतें 8.62 प्रतिशत कम हुईं। चांदी के गहनों की महंगाई दर 87.80 प्रतिशत के बहुत ऊंचे स्तर पर बनी रही, हालांकि अगस्त के 106.81 प्रतिशत की तुलना में इसमें कुछ कमी आई। महंगाई में ये ताजा बढ़ोतरी, ग्रामीण इलाकों में साफ तौर पर देखी गई, जहां खुदरा महंगाई दर अगस्त के 5.24 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 6.08 प्रतिशत हो गई। जबकि शहरी महंगाई दर 4.31 प्रतिशत से बढ़कर 4.88 प्रतिशत हो गई।
इस साल, कौन-से महीने में कितनी रही खुदरा महंगाई दर
| महीना (2026) | खुदरा महंगाई दर (%) |
| जनवरी | 2.75 |
| फरवरी | 3.21 |
| मार्च | 3.40 |
| अप्रैल | 3.48 |
| मई | 3.93 |
| जून | 4.38 |
| जुलाई | 4.45 |
| अगस्त | 4.82 |
| सितंबर | 5.54 |
बाकी सभी सेक्टरों में बढ़ी महंगाई
इनके अलावा, सितंबर में पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य तरह के सामान और सेवाओं में महंगाई दर 13.75 प्रतिशत रही, जबकि रेस्टोरेंट और होटलों में रहने-ठहरने की सेवाओं की कीमतों में 9.36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ट्रांसपोर्ट में महंगाई दर 5.01 प्रतिशत रही, जिसमें प्राइवेट गाड़ियों को चलाने का खर्च 7.46 प्रतिशत बढ़ गया। हेल्थ सेक्टर में महंगाई दर 1.40 प्रतिशत, हाउसिंग और यूटिलिटीज में 2.74 प्रतिशत और शिक्षा सेवाओं में 3.94 प्रतिशत रही।
ये भी पढ़ें






































