कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिवाली के मौके पर घर से दूर रहकर त्योहार मनाने वाले लोगों के लिए एक भावुक संदेश शेयर किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर ऐसे सभी लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं, जो किसी वजह से अपने परिवार और अपनों से दूर हैं।
अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में बताया कि जब वह विदेश में रहते थे, तब उन्होंने भी दो दिवाली अपने परिवार से दूर मनाई थीं। ऐसे में वह अच्छी तरह समझते हैं कि त्योहार के समय घर और अपनों की याद कितनी आती है। उन्होंने लिखा कि इस दिवाली घर से दूर रहने वाले सभी लोगों को उनकी तरफ से थोड़ा ज्यादा प्यार। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे लोग अगली दिवाली अपने परिवार और प्रियजनों के साथ मना सकें।
इन लोगों को खास तौर पर दी दिवाली की शुभकामनाएं
अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में सेना के जवानों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों, एयरलाइन, रेलवे और सड़क परिवहन से जुड़े कर्मचारियों को भी याद किया। इसके अलावा दमकल कर्मियों, सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा स्टाफ, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों, विदेश में पढ़ाई या नौकरी करने वाले लोगों और प्रवासी मजदूरों को भी दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान घर से दूर रहने वाले सभी लोग खास प्यार और शुभकामनाओं के हकदार हैं।
बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं दीपके
बता दें कि अभिजीत दीपके ने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और लंबे समय तक विदेश में रहे हैं। शनिवार को उन्होंने केरल के कोच्चि में एक रैली को भी संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी और हमलों के बावजूद देशभर में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा जारी रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री और बीजेपी पर लोगों के खान-पान, निजी संबंधों और मतदान के अधिकारों को नियंत्रित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दीपके ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ अभियान के तहत आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली स्थापित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने दिल्ली में राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर में प्रवेश करने के आरोप में CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ अपनी गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह जहां भी जाएंगे, तिरंगा लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा, “इस तिरंगे को फहराने के लिए मुझे जेल भेज दिया गया। मेरे दो भाइयों सौरव और आशु को भी इसे फहराने के लिए जेल भेजा गया। भारत में ऐसा आखिरी बार तब हुआ था, जब हम अंग्रेजों के शासन के अधीन थे।” बता दें कि हाल ही में अभिजीत दीपके ने दिल्ली में ममता बनर्जी से मुलाकात कर NEET पेपर लीक और युवाओं के आंदोलन में समर्थन देने के लिए उनका आभार जताया था।
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