
दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) की सालाना पैसेंजर्स हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाकर 130 मिलियन (13 करोड़) करने की योजना है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के सीईओ विदेह कुमार जयपुरीयार ने बताया कि संचालन कुशलता के साथ क्षमता बढ़ाना संभव है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे IGI (दिल्ली एयरपोर्ट) की वर्तमान में सालाना 10 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने की क्षमता है। 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में एयरपोर्ट पर 7.93 करोड़ यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया था। जयपुरीयार ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या पिछले साल की तुलना में अधिक रहेगी।
टर्मिनलों की क्षमता विस्तार
दिल्ली एयरपोर्ट में वर्तमान में तीन टर्मिनल हैं- T1, T2 और T3। क्षमता बढ़ाने की यह योजना मुख्य रूप से इन टर्मिनलों के इष्टतम उपयोग पर आधारित है:
- T3 टर्मिनल: इसे 3.4 करोड़ यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन वर्तमान में यह 5.1 करोड़ यात्रियों को संभाल रहा है। इसके अलावा, T3 के नए पियर्स से एयरपोर्ट की क्षमता में 1-1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष की अतिरिक्त वृद्धि होगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें केवल T3 से संचालित होती हैं।
- T1 टर्मिनल: इसे 4 करोड़ यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन संचालन में सुधार के जरिए इसकी क्षमता 3-4% या 10% तक (लगभग 4.4 करोड़) बढ़ाई जा सकती है।
- T2 टर्मिनल: 26 अक्टूबर को नवीनीकृत किए गए T2 को फिर से शुरू किया गया है, जिसकी क्षमता 1.5 करोड़ यात्रियों की है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने भी हाल ही में T2 का उद्घाटन करते हुए कहा था कि दिल्ली एयरपोर्ट सालाना 130 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा।
बैगेज ट्रांसफर सिस्टम में सुधार
यात्री सुविधा में सुधार करते हुए, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयरसाइड बैगेज ट्रांसफर सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया है। अब अंतरराष्ट्रीय यात्री कस्टम्स क्लियरेंस के बाद T3 पर बैगेज ड्रॉप काउंटर पर अपना सामान छोड़ सकते हैं। यह सामान एयरसाइड के माध्यम से सीधे T1 तक पहुंचा दिया जाता है, जिससे यात्रियों को खुद सामान लेकर जाने की आवश्यकता नहीं रहती। यह ट्रायल सिस्टम पिछले 8-9 महीनों से चल रहा है, जिसे ‘Proof of Concept (PoC)’ के रूप में सफलतापूर्वक चलाया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी संबंधित एजेंसियों से इसे मंजूरी मिल जाएगी। GMR ग्रुप के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम, DIAL, चार रनवे वाले IGI एयरपोर्ट का संचालन करता है।






































