
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ शिवांगी सिंह
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार को अंबाला एयरबेस पर स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह से मिलीं जहां राष्ट्रपति ने राफेल फाइटर जेट के जरिए सफलतापूर्वक उड़ान भरी। बता दें कि शिवांगी सिंह को लेकर पाकिस्तान ने कई भ्रम फैलाए थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के राफेल फाइटर जेट को गिराने के साथ एक पायलट को पकड़ने का दावा किया था और सोशल मीडिया में झूठी खबरें भी फैलाई गईं थीं कि पायलट शिवांगी सिंह को पकड़ा गया है। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिवांगी से मिलकर पाकिस्तान का झूठ बेनकाब कर दिया।
जानें शिवांगी सिंह के बारे में
स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह पहली महिला राफेल पायलट हैं। उन्हें 2015 में फाइटर पायलट रैंक में शामिल किया गया था। वो पहली भारतीय महिला हैं जिन्होंने फ्रांस निर्मित सिंगल सीटर राफेल लड़ाकू विमान उड़ाया था। वह करीब दो दशकों से एयरफोर्स में शानदार तरीके से काम कर रही हैं। उनके पति भी फाइटर पायलट हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने राफेट फाइटर जेट में उड़ान भरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज हरियाणा के अंबाला में स्थित वायुसेना स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने भी इसी एयरबेस से एक अलग विमान में उड़ान भरी। राफेल विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था। हाथ में हेलमेट लिए और धूप का चश्मा लगाए मुर्मू ने पायलट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया
पूर्वाह्न 11.27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने विमान के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। आज सुबह वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर राष्ट्रपति को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया था।






































