23 मिनट पहले
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‘वेलकम’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया है।
वे पिछले करीब 15 दिनों से मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने आज 24 सितंबर को अंतिम सांस ली।
मुश्ताक खान पिछले पांच सालों से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने आजतक से बातचीत में उनके निधन की पुष्टि की है। उन्हें 25 सितंबर को मुंबई में सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
15 दिनों से नानावती अस्पताल में भर्ती थे
मुश्ताक खान को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद वे ठीक हो गए थे, लेकिन हाल ही में यह बीमारी दोबारा लौट आई थी।
इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी थी। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था।
मुश्ताक खान के बिजनेस पार्टनर शिवम ने जानकारी दी कि गुरुवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने से उनके परिवार और फिल्म जगत के साथियों में दुख का माहौल है।

2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में ‘बल्लू’ के रोल से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली।
250 से ज्यादा फिल्मों और कई टीवी शोज में किया काम
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। साल 1980 में फिल्म ‘थोड़ी सी बेवफाई’ और ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा।
अपने चार दशक से अधिक लंबे अभिनय करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने छोटे पर्दे पर ‘अदालत’, ‘चाचा चौधरी’, ‘टेढ़े-मेढ़े सपने’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में भी काम किया।
कॉमिक और सपोर्टिंग रोल्स से मिली पहचान
मुश्ताक खान ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए, जिनसे उन्हें घर-घर में पहचान मिली। 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में मजनू भाई (अनिल कपूर) के साथी ‘बल्लू’ के रोल से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली।
इससे पहले 1993 की फिल्म ‘हम हैं राही प्यार के’ में दक्षिण भारतीय लहजे वाले ‘भगवती प्रसाद मिश्रा’ और 1990 की ब्लॉकबस्टर ‘आशिकी’ में दर्जी ‘रफू मास्टर’ का उनका किरदार काफी चर्चित रहा।
इसके अलावा फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ में ‘चुटकी बाबा’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में ‘गुल खान’ और ‘दिल है कि मानता नहीं’ में बस कंडक्टर के रोल में भी उनकी अदाकारी को बहुत सराहा गया।
90 के दशक से लेकर हालिया फिल्मों तक जारी रहा सफर
1990 के दशक में मुश्ताक खान ने ‘सड़क’, ‘साथी’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘मेजर साब’ और ‘मन’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में अभिनय के जरिए अपनी खास जगह बनाई।
अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के दम पर वे आगे चलकर ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नं. 1’, ‘राउडी राठौर’ और ‘वेलकम बैक’ जैसी कॉमेडी फिल्मों का अहम हिस्सा बने। हाल के वर्षों में भी वे फिल्म ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आए थे।








































