
टाटा समूह की अगुवाई वाली घरेलू एयपलाइंस, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गुरुवार को बेंगलुरु और बैंकॉक के बीच नई प्रतिदिन (डेली) डायरेक्टर फ्लाइट सेवा शुरू करने की घोषणा की है। यह नई सेवा 18 सितंबर से प्रभावी हो गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह नई फ्लाइट सेवा खासतौर पर आगामी त्योहारों और छुट्टियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है, ताकि बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को थाईलैंड तक बिना किसी रुकावट के सीधी और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।
शुरुआती ऑफर किराया ₹9,000 से शुरू
Air India Express ने इस नए रूट की शुरुआत का जश्न मनाने के लिए स्पेशल इंट्रोडक्टरी किराए की पेशकश की है। इसके तहत बेंगलुरु से बैंकॉक (वन वे) किराया ₹9,000 है। इसी तरह, बैंकॉक से बेंगलुरु (वन वे) किराया ₹8,850 है, जबकि राउंड ट्रिप किराया ₹16,800 से शुरू है। यात्रियों के लिए बुकिंग अब खुल चुकी है और यह एयरलाइ की आधिकारिक वेबसाइट airindiaexpress.com, मोबाइल ऐप और प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल्स पर उपलब्ध है।
फ्लाइट टाइमिंग्स क्या हैं
बेंगलुरु से बैंकॉक की फ्लाइट रोजाना सुबह 11:00 बजे (IST) उड़ान भरेगी और 4:45 बजे (IST) बैंकॉक पहुंचेगी। बैंकॉक से बेंगलुरु की वापसी फ्लाइट शाम 5:45 बजे (IST) रवाना होगी और 8:30 बजे (IST) बेंगलुरु पहुंचेगी। यह नई डायरेक्ट कनेक्टिविटी थाईलैंड की यात्रा करने वाले सैलानियों, फैमिली ट्रैवलर्स, व्यापारिक यात्रियों और त्योहारों के दौरान छुट्टियों की प्लानिंग करने वालों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की यह सेवा यात्रियों को समय की बचत और किफायती यात्रा का लाभ प्रदान करेगी।
देहरादून से बेंगलुरु फ्लाइट भी हुई है शुरू
इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बीते सोमवार को देहरादून से बेंगलुरु के लिए अपनी सीधी उड़ान सेवा शुरू की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा से उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी पेशेवरों, छात्रों और पर्यटकों को एक बड़ी सुविधा हो गई है। आपको बता दें, एयर इंडिया एक्सप्रेस बीते महीने आईएटीए का सदस्य बन गया है, जिससे यह वैश्विक एयरलाइन्स एसोसिएशन का हिस्सा बनने वाली चौथी भारतीय एयरलाइन बन गई है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परिवहन संघ (आईएटीए) लगभग 350 एयरलाइन्स का प्रतिनिधित्व करता है, जो वैश्विक हवाई यातायात का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं।









































