अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस एग्रेसिव है। बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ कांग्रेस आज (गुरुवार को) सड़कों पर उतरी। कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता भंडारी केस में दुष्यंत गौतम का नाम आया था और अब तक केस क्लोज नहीं हुआ है। पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता भंडारी के परिवार के साथ इंडिया गेट पर धरना दिया और अब राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लेटर लिखा है। इस लेटर में राहुल गांधी ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है। उनका तर्क है कि अगर दुष्यंत गौतम संवैधानिक पद पर बैठ जाएंगे तो उनके खिलाफ सही कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाएगी।
अंकिता के परिवार ने की दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक की मांग
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की जॉब करती थीं। अचानक एक दिन उनकी लाश बरामद हुई, पुलिस ने रिजॉर्ट मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच आगे बढ़ी तो एक VIP के नाम का जिक्र आया। अंकिता की व्हाट्सऐप चैट सामने आई, जिसमें अंकिता ने अपनी दोस्त को बताया था कि रिजॉर्ट का मालिक उस पर पैसे लेकर एक VIP को ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए प्रेशर डाल रहा था। मना करने पर अंकिता की आरोपियों से कहासुनी हुई थी और उसकी हत्या कर दी गई थी। अंकिता के परिवार का कहना है कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के पद पर नियुक्ति रोक देनी चाहिए।
कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी- हरीश रावत
इस मामले को लेकर आज उत्तराखंड में कई जगहों पर कांग्रेस सड़कों पर उतरी। देहरादून में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में प्रोटेस्ट हुआ। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। चाहे जेल जाना पड़े। लेकिन वो अंकिता भंडारी को न्याय दिलाकर रहेंगे। हरीश रावत ने कहा कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाकर बीजेपी ने पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उत्तराखंड की कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने भी बीजेपी को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब देश का मूड बदल चुका है। अब जनता ऐसे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस केस में बीजेपी हमेशा से सेंसेटिव रही है- सीएम धामी
फिर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत से लेकर राहुल गांधी तक के आरोपों का जवाब दिया। धामी ने कहा कि इस केस में बीजेपी हमेशा से सेंसेटिव रही है। पीड़ित परिवार की हर मदद की गई। दोषियों को जेल भेजा गया। परिवार को आर्थिक सहायता दी गई। वो चाहते थे कि इस केस की जांच सीबीआई करे तो सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीजेपी पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनकी मदद के लिए आगे आती है, जबकि कांग्रेस का काम हर मुद्दे पर राजनीति करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अंकिता भंडारी के परिवार का इस्तेमाल अपनी सियासी रोटी सेंकने के लिए कर रही है। इससे पहले, उत्तराखंड के ADG अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी।






































