इंफ्रास्ट्रक्चर में जरूरी सुधार करने के बाद पब्लिक सेक्टर की टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल का रेवेन्यू 2 साल में लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने सोमवार को एक बयान में ये जानकारी दी। बयान में संचार राज्यमंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी के प्रसार भारती को दिए गए एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा गया है कि बीएसएनएल के बदलाव के लिए सुनियोजित दृष्टिकोण अपनाए जाने से इसके वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है।
EBITDA में भारी उछाल
पेम्मासानी ने कहा, “वित्तीय सुधार उल्लेखनीय है। बीएसएनएल का राजस्व दो सालों में 21,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये हो गया है। ये 20 से 25 प्रतिशत की अच्छी बढ़ोतरी है। इससे भी महत्वपूर्ण बात ये है कि EBITDA में भारी उछाल आया है और ये 50 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 7,000 करोड़ रुपये हो गई है। ये परिचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।” बीएसएनएल ने वित्त वर्ष 2024-25 में 23,427 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 21,302 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की थी। मंत्री ने कहा कि उनके और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा बीएसएनएल के प्रदर्शन की व्यवस्थित समीक्षा से सरकारी कंपनी को प्रभावित कर रही समस्याओं का विस्तृत विश्लेषण हुआ।
50,000 टावरों में बदली गई बैटरियां
चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा, ”आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में टावर का संचालन समय केवल 75 प्रतिशत था। हमने इसे बढ़ाकर 95 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया। 50,000 टावर में 50,000 बैटरियां बदलीं, पावर प्लांटों को एडवांस बनाया और पुराने केबल को बदलकर नए केबल लगाए गए। इसके बाद हमने प्रत्येक सर्किल और राज्य स्तर पर उद्यम व्यवसाय और नए मोबाइल कनेक्शन के लिए व्यवस्थित लक्ष्य निर्धारित किए।” पेम्मासानी ने कहा कि बीएसएनएल के टैरिफ, प्राइवेट कंपनियों की तुलना में काफी सस्ते हैं।
पोस्ट ऑफिस के माध्यम से 1 रुपये में दी जा रही है सिम
उन्होंने कहा, ”हम पोस्ट ऑफिस के माध्यम से एक रुपये में सिम कार्ड दे रहे हैं ताकि लोग हमारी सर्विस का अनुभव कर सकें। हम ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के लिए भारतीय डाक के साथ भी काम कर रहे हैं। डाक कर्मचारी बीएसएनएल की बेहतर सेवाओं के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी दे रहे हैं। जिन गांवों में बीएसएनएल ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प है, वहां लोगों को निश्चित रूप से इसे लेना चाहिए।” पेम्मासानी ने कहा कि स्वदेशी 4G टेक्नोलॉजी का तेजी से विस्तार एक गौरवपूर्ण उपलब्धि रही है। उन्होंने कहा, ”हमने एक ही साल में 1,00,000 टावर पर स्वदेशी 4G सर्विस शुरू की और अब इसे लगभग वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित कर लिया है। भारत अब स्वदेशी 4G टेक्नोलॉजी विकसित करने वाला दुनिया का 5वां देश है।”





































