देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अब धीरे-धीरे हकीकत बनता जा रहा है। इसी कड़ी में गोधरा से वडोदरा के बीच का नया सेक्शन ट्रायल बेसिस पर खोल दिया गया है। इससे न केवल गुजरात के अंदर कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि आने वाले समय में दिल्ली से मुंबई का सफर भी काफी तेज और आसान हो जाएगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, गोधरा-वडोदरा सेक्शन को 13 अप्रैल 2026 से ट्रायल के तौर पर वाहनों के लिए खोल दिया गया है। यह हिस्सा सफल परीक्षण के बाद जल्द ही आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया जाएगा। यह सेक्शन गुजरात के पंचमहल जिले के भमैय्या गांव से वडोदरा के डोडका गांव तक फैला है और इसे 8-लेन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे के रूप में तैयार किया गया है।
दिल्ली से मुंबई सिर्फ 12 घंटे में
करीब 1,386 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद देश के दो सबसे बड़े शहरों के बीच सफर का समय घटकर सिर्फ 12 घंटे रह जाएगा। अभी यह यात्रा 20-24 घंटे तक ले लेती है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों से होकर गुजरेगा और कई बड़े शहरों को जोड़ेगा।
किन-किन शहरों को मिलेगा फायदा
इस एक्सप्रेसवे से जयपुर, कोटा, उदयपुर, इंदौर, भोपाल, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों को सीधा या फीडर नेटवर्क के जरिए कनेक्ट किया जाएगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
कहां से एंट्री-एग्जिट
चूंकि यह एक नियंत्रित-प्रवेश हाईवे है, इसलिए आप केवल निर्धारित इंटरचेंज से ही इस पर चढ़ या उतर सकते हैं। पूरे एक्सप्रेसवे पर 90 से ज्यादा ऐसे पॉइंट्स बनाए जा रहे हैं। कुछ प्रमुख पॉइंट्स हैं- DND, फरीदाबाद, सोहना, दौसा, लालसोट, कोटा, मंदसौर, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, पालघर और नवी मुंबई।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अब तक कितना हुआ काम
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण अलग-अलग चरणों में चल रहा है। दिल्ली से दौसा (राजस्थान) और अब गुजरात में गोधरा से वडोदरा तक का बड़ा हिस्सा यातायात के लिए तैयार हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी अधिकांश काम पूरा हो चुका है। गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमा के बीच का काम अभी लंबित है, जिसे मई 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। झाबुआ (MP) से वडोदरा (गुजरात) के बीच की दूरी लगभग 220 किमी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि 2026 के अंत तक दिल्ली से सीधे गुजरात (वडोदरा) तक का सफर शुरू हो जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र के खंड (विरार से JNPT) पर काम चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अभी भी जारी है। पूरी तरह से दिल्ली से मुंबई तक 12 घंटे का सफर 2027 के मध्य या अंत तक संभव हो पाएगा।





































