कुचामन सिटी (कुचामन-डीडवाना) के बिजनेसमैन रमेश रुलानिया हत्याकांड में शूटर्स को ऑर्डर देने वाला मास्टरमाइंड गैंगस्टर जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू चारण पकड़ा गया है। दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल ने 5 दिन पहले पोकरण (जैसलमेर) से उसे गिरफ्तार
.
7 अक्टूबर को हुए इस हत्याकांड के बाद जीतू की तलाश में राजस्थान पुलिस कई ठिकानों पर दबिश दे रही थी। लेकिन वह जैसलमेर के पोकरण कस्बे में छुपा बैठा था। उसने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रोहित गोदारा गैंग के लिए देश में अलग-अलग शहरों में होने वाली हर बड़ी घटना में जीतू चारण शूटर्स को फाइनेंशियली सपोर्ट कर रहा था। रोहित गोदारा गैंग किसे अगला टारगेट बनाने वाली है, इसकी पूरी जानकारी जीतू चारण को पहले से होती थी।
फिल्म एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर की रेकी भी उसने की थी। कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के घर रेकी में भी उसका इन्वॉल्वमेंट सामने आया है। पढ़िए ये स्पेशल रिपोर्ट…
पोकरण में बना रखा था ठिकाना, हथियार भी बरामद कुचामन के एक जिम में 7 अक्टूबर को सुबह 5 बजे बिजनेसमैन रमेश रुलानिया का मर्डर हुआ था। उसके बाद से गैंगस्टर जीतू चारण फरार था। इस बीच दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल को अपने सोर्स से उसके पोकरण में छुपे होने की जानकारी मिली। दबिश देकर टीम ने 5 नवंबर को ही उसे दबोच लिया।

रमेश रुलानिया हत्याकांड के आरोपी जीतू चारण पर पहले से नावां, रतनगढ़, चूरू, गेगल और परबतसर में लूट व मारपीट के 5 मुकदमे दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल के स्पेशल DCP मनीषी चंद्रा ने बताया- रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण से लेकर जो भी कुख्यात गैंगस्टर हैं, उनको ट्रेस करने के लिए उनका खुद का सर्विलांस सिस्टम है।
विदेश में बैठे ये गैंगस्टर जब भी किसी एप्लीकेशंस से भारत में अपने गुर्गों को कोई निर्देश देते हैं, उनको हमारी सेल टेक्नीकली ट्रेस करती है। गैंगस्टर जीतू चारण की गिरफ्तारी भी इसी कार्रवाई का एक हिस्सा है।
हमारी टीम इसे पकड़ने के लिए लंबे टाइम से प्रयास कर रही थी। फिलहाल जीतू चारण को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है।

गैंग का फाइनेंशियल मैनेजर है जीतू चारण दिल्ली पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि गैंगस्टर जीतू चारण फाइनेंशियल मैनेजर की भूमिका निभाता था। उसे विदेश में बैठे रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण पैसा भिजवाते थे।
उन पैसों से गैंग के शूटर्स को मैनेज करता था। शूटर्स को वारदात के दौरान होटल, रेंटल कार, किराया, फंड ट्रांसफर और उनके खाने-पीने का पूरा इंतजाम इसी के पास था।
पुलिस के सर्विलांस से बचने के लिए रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण जीतू को कोई भी जानकारी मैसेज या किसी चैट के जरिए नहीं भेजते थे। सिग्नल जैसे ऐप के इस्तेमाल से डायरेक्ट इंटरनेट कॉलिंग करते थे।
दिशा पाटनी के घर की रेकी करने खुद गया अजमेर जिले के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र के करडाला गांव निवासी गैंगस्टर जीतू चारण ने बरेली में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग से पहले वहां की रेकी की थी। उसे पूरी प्लानिंग की पहले से ही जानकारी थी। दिशा पाटनी के घर दो दिन यानी 11 और 12 सितंबर को फायरिंग हुई थी।

UP के बरेली में एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग हुई थी। उसकी रेकी करने वालों में जीतू चारण की भूमिका दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को मिली है।
रोहित गोदारा ने उसे कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के घर की रेकी की जिम्मेदारी भी दी हुई थी। दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अभी ये कन्फर्म नहीं हुआ है कि जीतू ने फारूकी की रेकी की थी या नहीं। इसको लेकर पूछताछ जारी है।
भास्कर पड़ताल में पता चला है कि रोहित गोदारा के इशारे पर मुनव्वर फारूकी की हत्या की प्लानिंग करने वाले हरियाणा के भिवानी के साहिल और पानीपत के राहुल को भी जीतू चारण ने ही हथियार उपलब्ध करवाए थे। इन्हीं शूटरों ने मुंबई और बेंगलुरु में रेकी भी की थी। महीने भर पहले जब इन दोनों के दिल्ली में होने की सूचना मिली तो पुलिस ने जाल घेराबंदी कर इन्हें पकड़ने की कोशिश की। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिससे दोनों बदमाश घायल हो गए और पकड़े गए थे।
2 महीने पहले दादी के निधन पर घर आया था गैंगस्टर गैंगस्टर जीतू चारण के फैमिली बैकग्राउंड और उसके प्रोफाइल को लेकर उसी के छोटे भाई सुरेंद्र सिंह से बात की। जीतू के घर में उसके एक छोटा भाई और एक बड़ा भाई है। उसके पिता प्राइवेट स्कूल में बस चलाते हैं। इसके अलावा घर में उसकी मां और दादा हैं।
मार्बल का काम करने वाले सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बिजनेसमैन रमेश रुलानिया हत्याकांड से 2 महीने पहले उसकी दादी का देहांत हुआ था। तब जीतू चारण आखिरी बार करडाला गांव में अपने घर पर आया था। इसके बाद से वह गायब है।

अजमेर जिले के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र के करडाला गांव स्थित जीतू चारण के घर की तस्वीर।
सुरेंद्र सिंह ने दावा किया कि जीतू चारण पढ़ाई में भी अच्छा था। उसने साइंस स्ट्रीम ली थी। अजमेर में पढ़ाई के दौरान ही उसकी दोस्ती गलत लोगों से हो गई थी। वह मीठड़ी में एक होटल में हुए मारपीट के मामले में पहली बार जेल गया था। उसमें वह निर्दोष था। लेकिन पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया था। परिवार वालों ने उसकी जमानत करवा दी थी।
परबतसर में ज्वेलर्स के साथ लूटपाट में उसका नाम आया तो दूसरी बार जेल गया। इस मामले में वह करीब 6 महीने जेल में रहा था। परिवार वालों ने उसे खूब समझाया। गलत लोगों और गलत काम से दूर रहने को कहा। इसके बाद ही उसकी जमानत करवाई थी। अब पुलिस उसे रोहित गोदारा गैंग का बहुत बड़ा गैंगस्टर बता रही है।

जीतू के इंस्टाग्राम प्रोफाइल से ली गई एक पुरानी तस्वीर।
मर्डर के बाद भाई को किया था कॉल, कहा था सरेंडर कर दो सुरेंद्र सिंह चारण ने बताया कि कुचामन में हुए बिजनेसमैन रमेश रुलानिया के मर्डर के बाद जीतू का मेरे पास कॉल भी आया था। तब मैं आंध्र प्रदेश के चित्तूर शहर में काम कर रहा था। पहले वहीं काम करता था। अब पुलिस बार-बार पूछताछ के लिए बुलाती है तो वहां से काम छोड़कर यहीं राजस्थान में आ गया हूं।
जीतू ने तब मुझे किसी दूसरे के नंबर से फोन किया था। इसके बाद मैंने वह नंबर तुरंत मेरे पापा को दे दिया था। पापा ने वह नंबर यहां रूपनगढ़ थाने में दे दिया था। उससे हुई बातचीत के दौरान मैंने उसे जल्द से जल्द पुलिस के सामने सरेंडर करने को कहा था।

रुलानिया मर्डर में शूटर्स को वीडियो कॉल पर निर्देश दे रहा था जीतू जीतू चारण पहले आनंदपाल गैंग के लिए काम करता था। फिलहाल वीरेंद्र चारण के जरिए रोहित गोदारा गैंग का अहम सहयोगी बनकर काम कर रहा है। रुलानिया मर्डर केस में बुलाए गए शूटर्स गणपत गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर, महेश गुर्जर और जुबेर को जीतू चारण ने ही तैयार किया था। शूटर्स को कहा था कि इस काम को अंजाम देने के बाद वो लोग रोहित गोदारा गैंग के खास हो जाएंगे। काम खत्म होने के बाद वह सभी के घर पर मोटी रकम भी पहुंचा देगा। लेकिन हत्याकांड के बाद में उसने शूटर्स से बात करना ही बंद कर दिया था।
फरारी के दौरान शूटर्स ने बार-बार रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण से जीतू को लेकर बात की। उन्होंने पहले तो उन्हें कहा कि वह कहीं व्यस्त है। बाद में जब शूटर्स ने ज्यादा जिद की तो रोहित और वीरेंद्र ने उनके पास दक्षिण भारत के किसी शहर में अपने गुर्गे से 80 हजार रुपए भिजवाए थे।

कार शोरूम के मालिक और होटल व्यवसायी रमेश रुलानिया के मर्डर की जिम्मेदारी रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण ने ली थी।
कुचामन पुलिस की पूछताछ में खुलेगा पूरा राज फिलहाल राजस्थान पुलिस की एक टीम गैंगस्टर जीतू चारण को प्रोडक्शन वारंट पर कुचामन लाने के लिए दिल्ली में मौजूद है। उसकी यहां गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़े कई अहम राज और कई बड़ी घटनाओं से जुड़े नए खुलासे की उम्मीद है।

2 आरोपियों को डीडवाना-कुचामन पुलिस ने पकड़ा इससे पहले शनिवार को रमेश रुलानिया हत्याकांड में कुचामन पुलिस ने 2 और आरोपियों सुरेंद्र सिंह पालावत निवासी खाटूश्यामजी (सीकर) और राहुल मांडिया निवासी आशपुरा (सीकर) को गिरफ्तार किया है। दोनों ने रुलानिया की मौत की सूचना अस्पताल से गैंगस्टर वीरेंद्र चारण को दी थी।
दोनों आरोपियों ने हमलावर गणपत गुर्जर और धर्मेंद्र उर्फ देवा को नकद रुपए भी उपलब्ध करवाए। दोनों जीतू चारण के संपर्क में थे। प्रतिष्ठित व्यक्तियों व व्यापारियों की रेकी कर उसे जानकारी देते रहते थे। इस मामले में अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
…….
रमेश रुलानिया हत्याकांड की ये खबरें भी पढ़ें…
1. बिजनेसमैन की हत्या के बाद तिरुपति गए शूटर, मुंडन कराया:8 दिन तक ट्रेन में करते रहे सफर, एक दर्जन शहर बदले; कोलकाता से गिरफ्तार

कुचामन सिटी (कुचामन-डीडवाना) में जिम में घुसकर बिजनेसमैन रमेश रुलानिया की हत्या करने वाले रोहित गोदारा गैंग के 3 शूटर पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। पुलिस ने गुरुवार रात पश्चिम बंगाल से गणपत गुर्जर, धर्मेंद्र गुर्जर, महेश गुर्जर को गिरफ्तार किया है। (पढ़ें पूरी खबर)
2. जिम में बिजेनसमैन की हत्या, वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग:मर्डर के बाद रोहित-वीरेंद्र ने शूटर्स से बात की, जानें- फिर आरोपियों तक कैसे पहुंची पुलिस?

कुचामन सिटी (कुचामन-डीडवाना) के बिजनेसमैन रमेश रुलानिया हत्याकांड में गैंगस्टर जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू चारण शूटर्स को ऑर्डर दे रहा था। उसी ने बोरावड़ में होटल चलाने वाले पवन चारण की मदद से शूटर तैयार किए थे…(CLICK कर पूरा पढ़ें)







































