विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने सरकार की तरफ से टैक्स छूट दिए जाने के बाद ‘फुली एक्सेसिबल रूट’ (FAR) के तहत सरकारी सिक्यॉरिटीज में 8,794.74 करोड़ रुपये का निवेश किया है। भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड (CCIL) के आंकड़ों के मुताबिक, एफएआर सिक्यॉरिटीज में एफपीआई की हिस्सेदारी 3 जून के 3.23 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मंगलवार को 3.32 लाख करोड़ रुपये हो गई। फुली एक्सेसिबल रूट के तहत विदेशी निवेशकों को किसी तरह की निवेश सीमा के बगैर भारत सरकार की निर्धारित सिक्यॉरिटीज में निवेश की अनुमति होती है।
5 जून को सरकार ने की थी टैक्स में छूट देने की घोषणा
बताते चलें कि सरकार ने 5 जून को इनकम टैक्स एक्ट में बदलाव करते हुए सरकारी बॉन्ड में एफपीआई निवेश पर मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन्स को टैक्स से छूट दी थी। ये छूट 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। अरेटे कैपिटल के वाइस प्रेसिडेंट माताप्रसाद पांडेय ने कहा, ”इस कदम से एफपीआई का भरोसा बढ़ा है और वे सरकारी सिक्यॉरिटीज में निवेश बढ़ा रहे हैं। इससे भारत को प्रमुख ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल किए जाने की संभावना भी मजबूत हो सकती है।”
RBI ने भी विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए नियमों में किए बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी हालिया मॉनेटरी पॉलिसी में एफएआर के दायरे का विस्तार करते हुए 15, 30 और 40 साल की अवधि वाले नए सरकारी बॉन्ड को इसमें शामिल किया है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने एफपीआई निवेश से जुड़े कुछ प्रतिबंध भी हटाए हैं, जिससे विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शेयर बाजार से FPIs की निकासी जारी
उधर दूसरी तरफ, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) घरेलू शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। बीते रविवार को आए आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने जून के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार से 42,927 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसे निकाल लिए। ये ट्रेंड ग्लोबल कैपिटल की टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बड़े मौकों की ओर झुकाव और रुपये में जारी कमजोरी के बीच देखने को मिला है।
इस साल शेयरों से 2.67 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं विदेशी निवेशक
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, जून के पहले सप्ताह की निकासी के साथ इस साल अब तक भारतीय शेयरों से एफपीआई की कुल निकासी बढ़कर 2.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो साल 2025 में निकाले गए 1.66 लाख करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है।







































