
Glottis IPO: लॉजिस्टिक्स के बिजनेस से जुड़ी कंपनी ग्लॉटिस का आईपीओ 29 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और 1 अक्टूबर को बंद हो गया था। ग्लॉटिस अपने इस आईपीओ से कुल 307.00 करोड़ रुपये जुटाने जा रहा है। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का बहुत अच्छा समर्थन नहीं मिला है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, इस आईपीओ को कुल 2.05 गुना सब्सक्रिप्शन ही मिला है। ग्लॉटिस ने अपने आईपीओ के लिए कुल 2,37,98,740 शेयरों की पेशकश की थी, जिसमें 160.00 करोड़ रुपये 1,24,03,100 फ्रेश शेयर और 147.00 करोड़ रुपये के 1,13,95,640 शेयर ओएफएस के जरिए जारी किए जा रहे हैं।
20 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है कंपनी
ग्लॉटिस ने अपने आईपीओ के तहत 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 120 रुपये से 129 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम 14,706 रुपये का निवेश करना था, जिसमें उन्हें एक लॉट में 114 शेयर दिए जा रहे हैं। बताते चलें कि शुक्रवार, 3 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट हो चुका है और अब सोमवार, 6 अक्टूबर को आवेदकों के डीमैट अकाउंट में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। ये एक मेनबोर्ड आईपीओ है, जो बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होगा। शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग मंगलवार, 7 अक्टूबर को हो जाएगी।
शेयरों को लेकर ग्रे मार्केट में कैसी चल रही है प्रतिक्रिया
ग्लॉटिस के आईपीओ को निवेशकों का बहुत अच्छा सपोर्ट नहीं मिला। लिहाजा, ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है। ग्लॉटिस के शेयर शनिवार, 4 अक्टूबर को 0 रुपये के जीएमपी प्राइस के साथ ट्रेड कर रहे हैं। बताते चलें कि ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर 29 सितंबर को सबसे ज्यादा 20 रुपये के प्रीमियम यानी जीएमपी के साथ कारोबार कर रहे थे। लेकिन उसके बाद से इसके जीएमपी में लगातार गिरावट देखी जा रही थी और 3 अक्टूबर से ही ये 0 पर टिका हुआ है।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।





































