29 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र
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तानों और ट्रोलिंग के बीच हिमेश रेशमिया ने बनाई अपनी अलग पहचान।
कभी उनके गाने चार्टबस्टर होते थे, तो कभी उनकी आवाज का मजाक उड़ता था। किसी ने उन्हें नाक से गाने वाला सिंगर कहा, तो किसी ने एक्टिंग पर सवाल उठाए। फिल्मों में असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिमेश रेशमिया ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने की जिद नहीं छोड़ी।
सलमान खान की फिल्मों से संगीतकार के तौर पर शुरुआत करने वाले हिमेश ने ‘तेरे नाम’, ‘आशिक बनाया आपने’ और ‘झलक दिखला जा’ जैसे गानों से देशभर में धूम मचाई। इसके बाद वह सिंगर बने, स्टेज शोज में लोकप्रिय हुए और फिल्मों में हीरो भी बने। इस दौरान सलमान खान से अनबन की खबरें आईं, लेकिन बाद में रिश्ते सुधरे और दोनों ने फिर साथ काम किया। आलोचनाओं और उतार-चढ़ाव के बीच उनका संगीत का सफर जारी है।
आज की सक्सेस स्टोरी में हिमेश रेशमिया के करियर के कुछ खास पड़ावों और उपलब्धियों पर एक नजर..

16 साल की उम्र में काम शुरू किया
हिमेश रेशमिया रातोंरात स्टार नहीं बने। उनका जन्म 23 जुलाई 1973 को मुंबई में हुआ। उनके पिता विपिन रेशमिया भी संगीतकार थे। घर में संगीत का माहौल था, लेकिन हिमेश ने कम उम्र से ही काम शुरू कर दिया था।
रेडिफ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि 16 साल की उम्र में अपना पहला टेलीविजन सीरियल प्रोड्यूस किया था। उनका लक्ष्य शुरू से संगीतकार बनना था। टेलीविजन के लिए काम करते हुए उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं। सीरियल ‘अंदाज’ के टाइटल ट्रैक से संगीतकार के तौर पर पहचान बनानी शुरू की।
बॉलीवुड में जगह बनाना आसान नहीं था। उस दौर में अनु मलिक, जतिन-ललित और शंकर-एहसान-लॉय जैसे संगीतकारों का दबदबा था। हिमेश छोटे प्रोजेक्ट्स करते रहे और बड़े मौके का इंतजार करते रहे।

हिमेश रेशमिया ने अपने करियर में 1,300 से ज्यादा गाने कंपोज किए हैं।
सलमान खान की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री, ‘तेरे नाम’ ने दिलाई पहचान
हिमेश के करियर में सलमान खान की अहम भूमिका रही। 1998 में फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से उन्हें बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर बड़ा मौका मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बंधन’, ‘हैलो ब्रदर’ और ‘दुल्हन हम ले जाएंगे’ जैसी फिल्मों में काम किया।
असली पहचान 2003 में आई सलमान खान की फिल्म ‘तेरे नाम’ से मिली। फिल्म के गाने युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए। खासकर ‘क्यों किसी को’, ‘तुमसे मिलना’ और ‘लगन लगी’ ने उन्हें इंडस्ट्री के चर्चित संगीतकारों में शामिल कर दिया।
इसके बाद उन्होंने ‘हमराज’, ‘ऐतराज’, ‘मैंने प्यार क्यों किया’, ‘दिल मांगे मोर’, ‘आशिक बनाया आपने’ और ‘शादी से पहले’ में संगीत दिया।
रेडिफ को 2006 में दिए इंटरव्यू में हिमेश ने बताया था कि छह महीने में उनके 27 गाने चार्टबस्टर हुए थे। वहीं, 2009 के इंटरव्यू में उनके लगातार 36 हिट गानों का जिक्र किया गया था। इससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा मिलता है।
संगीतकार ने खुद गायक बनने का फैसला किया
संगीतकार के तौर पर सफलता के बाद हिमेश ने अपनी धुनों को आवाज देने का फैसला किया। 2005 में फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ के टाइटल ट्रैक से गायक के तौर पर पहचान बनाई।
रिलीज होते ही यह गाना युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गया। इमरान हाशमी और तनुश्री दत्ता पर फिल्माए गए इस गाने ने हिमेश को लोकप्रिय सिंगर बना दिया।
इसके बाद ‘झलक दिखला जा’, ‘आशिकी में तेरी’, ‘तेरा सुरूर’, ‘जरा झूम झूम’, ‘शकलाका बूम बूम’, ‘हुक्का बार’, ‘तंदूरी नाइट्स’ और ‘नाम है तेरा’ जैसे गानों से उनकी लोकप्रियता और बढ़ी।
एक इंटरव्यू में हिमेश ने कहा था कि वह खुद को सबसे पहले संगीतकार मानते हैं। उनके मुताबिक, जब वह अपनी बनाई छह धुनों में से एक गाना खुद गाते हैं, तो इसमें परेशानी की क्या बात है?

‘नाक से गाता है’ कहकर उड़ाया मजाक, आरडी बर्मन से तुलना भी पड़ी भारी
सिंगर बनने के बाद हिमेश को लोकप्रियता के साथ आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। उनकी आवाज पर सबसे ज्यादा टिप्पणियां हुईं। आलोचक कहते थे कि वह नाक से गाते हैं। सोशल मीडिया के दौर से पहले ही उनकी आवाज का खूब मजाक उड़ाया जाता था।
2020 में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में हिमेश ने स्वीकार किया था कि शुरुआती दौर में इस आलोचना से उन्हें गुस्सा आता था। उन्होंने बताया कि 2006 में उन्हें नाक से गाने वाला कहा गया, तब वह काफी प्रभावित हुए थे। उस समय उनके लगभग हर गाने को सफलता मिल रही थी, फिर भी उनकी आवाज पर सवाल उठाए जा रहे थे।
आवाज का बचाव करते हुए उन्होंने दिग्गज संगीतकार और गायक आरडी बर्मन का उदाहरण दिया था। इस पर गायिका आशा भोसले ने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। बाद में हिमेश ने गलती स्वीकार कर माफी भी मांगी।
आलोचनाओं का असर उनके गानों की लोकप्रियता पर नहीं पड़ा। ‘आशिक बनाया आपने’ के लिए उन्हें 2006 में फिल्मफेयर का बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला। वह संगीतकार रहते हुए यह पुरस्कार जीतने वाले पहले व्यक्ति बने थे।
सलमान से दोस्ती, फिर नागपुर कॉन्सर्ट में अनबन: हिमेश को मिलीं ज्यादा तालियां तो आहत हुआ सलमान का ईगो
हिमेश की सफलता में सलमान खान का अहम योगदान रहा। सलमान ने शुरुआती दौर में हिमेश को मौके दिए और अपनी फिल्मों में संगीत तैयार करने का अवसर दिया। एक वक्त ऐसा भी आया, जब दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। इसकी वजह नागपुर का एक कॉन्सर्ट बताया जाता है।
2009 में मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में सलमान और हिमेश दोनों ने परफॉर्म किया था। दर्शकों ने सलमान के मुकाबले हिमेश का ज्यादा उत्साह से स्वागत किया। उनके लिए ज्यादा तालियां बजीं और दर्शक अधिक उत्साहित नजर आए।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस घटना से सलमान का ईगो आहत हुआ। इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं और बातचीत बंद हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान कई मौकों पर हिमेश की नाक से गाने वाली आवाज का मजाक उड़ाते थे।
जुलाई 2007 में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में हिमेश ने नागपुर कॉन्सर्ट को लेकर दोनों के बीच मतभेद की बात स्वीकार की थी। उन्होंने विवाद की असली वजह विस्तार से नहीं बताई। यह भी कहा था कि मामला सुलझ चुका है और दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हैं।
‘आशिक बनाया आपने’ के बाद हिमेश सिंगर के तौर पर भी स्टार बन चुके थे। वह फिल्मों में अभिनेता के रूप में नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान सलमान और हिमेश के रिश्तों को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रहीं।
2007 में रेडिफ को दिए इंटरव्यू में सलमान ने हिमेश से नाराजगी की खबरों को खारिज किया था। वहीं, करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ में हिमेश ने सलमान को अपना मेंटर बताया था और उनके प्रति सम्मान और प्यार जाहिर किया था।
2009 में ‘दस का दम’ के सेट पर गले मिले दोनों
दोनों के रिश्तों में सुधार की खबर सितंबर 2009 में आई। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान और हिमेश की मुलाकात आरके स्टूडियो में ‘दस का दम’ के सेट पर हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और पुराने दोस्तों की तरह मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुलाकात से दोनों के बीच की दूरियां खत्म होती नजर आईं।
‘बॉडीगार्ड’ से फिर साथ आए सलमान और हिमेश
इसके बाद दोनों ने साथ काम करना शुरू किया। 2011 में रिलीज सलमान खान की फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ का संगीत हिमेश ने तैयार किया। फिल्म का गाना ‘तेरी मेरी’ खास तौर पर लोकप्रिय हुआ। हिमेश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि सलमान ने धुन बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव भी दिए थे।
2014 में ‘किक’ और 2015 में ‘प्रेम रतन धन पायो’ के संगीत से भी हिमेश सलमान के साथ जुड़े। फरवरी 2025 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सलमान के योगदान को याद किया। बताया कि सलमान ने उन्हें करियर का पहला बड़ा मौका दिया था। उनकी वजह से वह टेलीविजन सीरियल प्रोड्यूस करने से आगे बढ़कर बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर पहचान बना सके।

स्टेज शोज में दिखा स्टारडम, विदेशों तक पहुंची लोकप्रियता
हिमेश की लोकप्रियता फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उनके गाने डांस पार्टियों, क्लबों और लाइव कॉन्सर्ट में खूब बजने लगे। खासकर ‘आशिक बनाया आपने’ और ‘झलक दिखला जा’ ने युवाओं के बीच उन्हें खास पहचान दिलाई।
2006 में वह अमेरिका और कनाडा के एक महीने लंबे कॉन्सर्ट टूर पर गए थे। रेडिफ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भारत और खाड़ी देशों के कई शहरों में पहले भी लाइव परफॉर्म कर चुके थे, लेकिन विदेशों में इतने बड़े स्तर पर परफॉर्म करना उनके लिए नई चुनौती थी।
हिमेश ने कहा था कि लाइव ऑडियंस के सामने सिर्फ गाना काफी नहीं होता, अच्छा परफॉर्मर बनना भी जरूरी है। इसलिए उन्होंने स्टेज परफॉर्मेंस को गंभीरता से लिया।
संगीतकार और सिंगर के बाद हीरो बनने की कोशिश, 2007 में किया डेब्यू
संगीत और गायकी में सफलता के बाद हिमेश ने 2007 में एक और जोखिम लिया। उन्होंने फिल्म ‘आपका सुरूर: द रियल लव स्टोरी’ से अभिनेता के तौर पर शुरुआत की। फिल्म में उन्होंने अपना काल्पनिक रूप पर्दे पर पेश किया।
फिल्म का निर्देशन उनके बचपन के दोस्त प्रशांत चड्ढा ने किया था। इसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद हिमेश को लगा कि दर्शक उन्हें अभिनेता के रूप में स्वीकार कर सकते हैं।
उनकी अगली फिल्म ‘कर्ज्ज्ज’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। यह ऋषि कपूर की 1980 में आई सुपरहिट फिल्म ‘कर्ज’ का रीमेक थी। ‘रेडियो’, ‘कजरारे’ और ‘दमादम’ से भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।
एक इंटरव्यू में हिमेश ने स्वीकार किया था कि फिल्मों में अभिनय के दौरान वह उतनी मेहनत और समर्पण नहीं दे पाए, जितना संगीत के लिए देते थे। उन्होंने माना कि शुरुआत में एक साथ कई फिल्में कीं और कुछ प्रोजेक्ट्स में पैसे के लिए काम किया। बाद में उन्हें गलती का अहसास हुआ।
‘द एक्सपोज’ से मिली पहचान, लेकिन एक्टर के तौर पर मजबूत मुकाम नहीं बना पाए
अभिनेता के तौर पर हिमेश की चर्चित फिल्मों में ‘खिलाड़ी 786’, ‘द एक्सपोज’ और ‘तेरा सुरूर’ शामिल हैं। 2014 में रिलीज हुई ‘द एक्सपोज’ में उनके अभिनय की चर्चा हुई और उन्हें पहचान मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही।
2012 में आई ‘खिलाड़ी 786’ में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ काम किया था। हिमेश ने फिल्म में अभिनय के साथ संगीत भी दिया। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन औसत रहा।
‘आपका सुरूर’ उनके अभिनय करियर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। बॉलीवुड हंगामा के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, यह सेमी-हिट रही। इसके बाद उनकी ज्यादातर सोलो फिल्में सफल नहीं हुईं।
2020 की फिल्म ‘हैप्पी हार्डी एंड हीर’ में वह पहली बार डबल रोल में नजर आए। उन्होंने हार्डी और हैरी, दोनों किरदार निभाए थे। प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा था कि अभिनय में उन्हें ऐसी बड़ी सफलता की तलाश है, जो दर्शकों के बीच उनकी अलग पहचान बना सके।
हिमेश का अभिनय करियर संगीत और गायकी जितना सफल नहीं रहा। उन्होंने अभिनय छोड़ने के बजाय खुद को नए अंदाज में पेश करने की कोशिश जारी रखी।

फिल्म ‘बैडएस रवि कुमार’ में हिमेश ने न केवल ‘खतरनाक’ एक्टिंग की, बल्कि प्रोड्यूसर, म्यूजिक डायरेक्टर, सिंगर, स्क्रीनप्ले राइटर और लिरिक्स राइटर की जिम्मेदारी भी निभाई थी।
संगीत की दुनिया में वापसी, अब बड़े प्रोजेक्ट्स पर दांव
एक दौर में हिमेश का ज्यादा ध्यान अभिनय पर चला गया। 2009 में रेडिफ को दिए इंटरव्यू के मुताबिक, वह तब तक करीब 100 फिल्मों में संगीत दे चुके थे और उनके 500 गाने रिकॉर्ड हो चुके थे। उनके प्रशंसक चाहते थे कि वह दोबारा संगीतकार के तौर पर सक्रिय हों।
बाद के वर्षों में उन्होंने संगीत को प्राथमिकता दी। ‘प्रेम रतन धन पायो’ के संगीत से अपनी धुनों की ताकत दिखाई। फिल्म के गाने ‘प्रेम रतन धन पायो’, ‘जलते दिए’ और ‘आज उनसे मिलना है’ पसंद किए गए।
2025 में रिलीज हुई ‘बैडएस रविकुमार’ में उन्होंने अभिनय, संगीत और गायकी की जिम्मेदारी संभाली। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इसके गानों और हिमेश के पुराने अंदाज की चर्चा हुई।
2026 में हिमेश रेशमिया के पास कई बड़े संगीत प्रोजेक्ट हैं। इनमें तीन फिल्में चर्चा में हैं, जिनसे फिल्मी संगीत में उनकी वापसी के संकेत मिल रहे हैं।
सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में हैं। हिमेश ने इसका संगीत तैयार किया है। फिल्म 27 नवंबर 2026 को रिलीज होगी।
इमरान हाशमी, जेनेलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना अभिनीत ‘गनमास्टर जी9’ का संगीत भी हिमेश ने दिया है। यह फिल्म भी 27 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘1920: कोल्ड विंटर’ के लिए भी हिमेश संगीत तैयार कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से वह करीब 13 साल बाद विक्रम भट्ट के साथ काम करेंगे।
अनिल शर्मा की फिल्म ‘अर्जुन नागा’ का भी संगीत हिमेश दे रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स से साफ है कि हिमेश रेशमिया फिल्मी संगीत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में हैं।

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