ओडिशा के पुरी शहर से एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ पुलिस ने आईपीएल के दौरान चल रहे अवैध सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई साइबर पुलिस और विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लाखों रुपये की नकदी जब्त की गई है। मामला बुधवार का है, जिसे साइबर सेल एवं इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन पुरी में दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता डीएसपी स्तर के अधिकारी राजकुमार परिडा हैं, जिन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर किया।
पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना
पुलिस को मंगलवार की शाम को गुप्त सूचना मिली थी कि मसानीचंडी मंदिर के पास कुछ लोग आईपीएल मैचों पर सट्टा लगा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापा मारा। वहां पहुंचने पर देखा गया कि कुछ लोग एक जगह इकट्ठा होकर सट्टेबाजी में लगे हुए थे। पुलिस को देखते ही कुछ आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए, लेकिन चार लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रसन्न प्रुस्टी, बी नागेश्वर राव, बिश्वनाथ लेंका और रमाकांत साहू के रूप में हुई है। ये सभी पुरी जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी प्रसन्ना प्रुस्ति पहले भी एक आपराधिक मामले में शामिल रह चुका है, जबकि रमाकांत साहू का नाम भी एक सड़क हादसे से जुड़े केस में सामने आ चुका है।
ऑनलाइन खेल रहे थे सट्टा
जब पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ की और उनके मोबाइल फोन की जांच की, तो पता चला कि ये लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा खेल रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 6 मोबाइल फोन और करीब 3 लाख 4 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके बाद जब मुख्य आरोपी प्रसन्न प्रुस्टी के घर की तलाशी ली गई, तो वहां से 22 लाख 31 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि यह पैसा अवैध सट्टेबाजी से कमाया गया था।
31 लाख रुपये की रकम भी फ्रीज
इतना ही नहीं, जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा करीब 31 लाख रुपये की रकम को भी फ्रीज कर दिया है। यानी अब वे इस पैसे का इस्तेमाल नहीं कर सकते। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग पिछले करीब दो साल से पुरी शहर में इस तरह का अवैध सट्टेबाजी का धंधा चला रहे थे। गिरफ्तार पर बीएनएस की धारा 297,318(4),61(2), आईटी एक्ट की धारा 66, प्राइज चीट्स और मनी सर्कुलेशन स्कीम (बैनिंग) एक्ट 1978, और लॉटरी रेगुलेशन एक्ट 1998 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए जांच जारी है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुरी के एसपी प्रतीक सिंह ने कहा- “पुरी पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। हमें खबर मिली थी कि पुरी जिले में एक आईपीएल बैटिंग रैकेट चल रहा है। हमें जैसे ही खबर मिली हमनें जानकारी जुटाना शुरू किया। जांच के दौरान हमें पता चला कि कुछ लोग हैं जो यह रैकेट चला रहे हैं और एक एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर के पैसे का कलेक्शन किया जाता है। आरोपियों ने कई लोगों को एप्लीकेशन में कनेक्ट किया है। इस एप्लीकेशन में कई लोग रोज पैसे डालते हैं और आईपीएल के मैचों पर सट्टेबाजी की जाती है और पैसे लगाए जाते हैं। जांच के बाद जब सूचना पुख्ता हुई तो हमनें अलग अलग ठिकानों पर छापेमारी की और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से हमें कई साक्ष्य मिले हैं। इनमें वो मोबाइल फोन भी शामिल हैं जिनमें सट्टेबाई के लिए एप्लीकेशन डाउनलोड किया गया था। हमें लगभग 10 बैंक अकाउंट्स मिले हैं जिनमें 31 लाख रुपए से ऊपर फ्रीज कर दिए गए हैं। आरोपियों के पास से लगभग 25 लाख रुपए कैश भी मिले हैं। इनके कुछ और गैंग मेंबर हैं जिनके बारे में हम पता लगा चुके हैं। कुछ लोग खबर फैलते ही फरार हो गए हैं जिनकी खोजबीन की जा रही है। साइबर पुलिस थाने में हमनें केस रजिस्टर किया गया है जिसमें बीएनएस की अलग अलग धाराएं,आईटी एक्ट की धाराएं लगाई गईं हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। आरोपियों के संपत्ति की जांच की जाएगी और गैंग में शामिल लोगों का पता लगाकर उनपर भी एक्शन लेंगे।”
पुरी में सामने आई यह घटना साफ दिखाती है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी कितनी तेजी से फैल रही है और कैसे लोग इसे कमाई का आसान जरिया समझकर गैरकानूनी रास्ता अपना रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि ऐसे अवैध काम करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)
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