
पोस्ट ऑफिस में नेशनल सेविंग्स रेकरिंग डिपोजिट के नाम से एक सेविंग स्कीम है जो एक भरोसेमंद और सुरक्षित बचत योजना है, जिसे भारतीय डाक विभाग द्वारा चलाया जाता है। यह स्कीम उन लोगों के लिए आदर्श है जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश कर, एक सुनिश्चित अवधि के बाद अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं। नियमित मासिक बचत के साथ-साथ तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज और सरकारी गारंटी इस योजना को खास बनाते हैं। यह योजना खासतौर पर नौकरीपेशा, गृहिणियों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए उपयुक्त है जो कम जोखिम में सुरक्षित भविष्य की योजना बनाना चाहते हैं।
स्कीम को समझ लें
पात्रता: कोई भी भारतीय नागरिक (व्यक्तिगत, संयुक्त खाता, या नाबालिग के नाम पर अभिभावक द्वारा)।
न्यूनतम जमा: केवल ₹100 प्रति माह (इसके बाद ₹10 के मल्टीपल में)। जमा करने की कोई अधिकतम लिमिट नहीं है।
जमा अवधि: 5 साल (60 महीने), यह अवधि निश्चित है।
ब्याज दर: 6.7% प्रति वर्ष (सितंबर 2025 तक)। सबसे खास बात यह है कि ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर की जाती है, जिससे आपका रिटर्न तेजी से बढ़ता है।
जमा करने का सही समय: प्रत्येक महीने की 15 तारीख या उससे पहले।
लोन सुविधा: खाता खुलने के 1 साल बाद, जमा राशि के आधार पर 50% तक लोन लेने की सुविधा।
टैक्स लाभ: इस योजना पर वर्तमान में कोई टैक्स छूट उपलब्ध नहीं है (यह धारा 80C के अंतर्गत नहीं आता)।
₹10,000 मंथली निवेश पर ₹1,13,658 गारंटीड रिटर्न
अगर आप पोस्ट ऑफिस की आरडी स्कीम में अगर आप हर महीने ₹10,000 मंथली निवेश करेंगे तो कैलकुलेशन के मुताबिक, मेच्योरिटी पर यानी 5 साल बाद आपको ₹1,13,658 गारंटीड रिटर्न मिलेगा। कैलकुलेशन के मुताबिक, पांच साल में आप कुल ₹6,00,000 निवेश करते हैं, जिस पर ब्याज के तौर पर आपको ₹1,13,658 का रिटर्न मिलेगा। यानी आपके पास तब कुल ₹7,13,658.29 का फंड तैयार हो जाएगा।
अहम नियम और सुविधाएं
मंथली जमा में चूक: अगर आप किसी महीने पैसा जमा नहीं कर पाते हैं, तो हर ₹100 पर ₹1 का दंड शुल्क लिया जाएगा।
खाता पुनर्जीवित: लगातार अधिकतम 4 चूक की अनुमति है। अगर लगातार 4 बार चूक होती है, तो खाता बंद किया जा सकता है, लेकिन आपके पास इसे दोबारा चालू करने का विकल्प होता है।
समय से पहले बंद करना
आप खाता खुलने के 3 साल पूरे होने के बाद इसे बंद करा सकते हैं। अगर आप 3 साल से पहले बंद करते हैं, तो आपको पोस्टल सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दर के बराबर ही ब्याज मिलेगा, जो कि कम होता है। 10 वर्ष से ऊपर का बच्चा अपना खुद का खाता खोल और संचालित कर सकता है। छोटे बच्चों के लिए खाता उनके अभिभावक द्वारा खोला जा सकता है।







































