17 मिनट पहले
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हाल ही में संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ में प्रभास के अपोजिट दीपिका पादुकोण की कास्टिंग को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। दीपिका ने अपनी फीस बढ़ाने और 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड करने की वजह से फिल्म से बाहर कर दी गईं। इस पूरे मामले पर अब दक्षिण भारतीय और बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने अपना रिएक्शन दिया है।

रश्मिका ने मंदाना gulte.com को दिए इंटरव्यू में कहा कि आज पूरी दुनिया में फ्लेक्सिबल काम करने के तरीके पर बातचीत हो रही है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले इस तरह के मुद्दों पर सभी बातें साफ हो जानी चाहिए। रश्मिका ने कहा, “यह टीम के बीच बात होनी चाहिए कि काम के घंटे कैसे सेट होंगे और यह भी तय होना चाहिए कि यह व्यक्तिगत पसंद की बात है।”

दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज से लेकर बॉलीवुड तक के वर्किंग आवर्स पर रश्मिका ने खुलकर चर्चा की। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके लिए 9 से 6 बजे तक का शेड्यूल हो या 9 से 9 तक, दोनों ठीक हैं। यह केवल फिल्म की आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। रश्मिका ने बताया कि उन्होंने तेलुगु, कन्नड़, तमिल और हिंदी फिल्मों में काम किया है जहां वक्त-समय की डिमांड भिन्न होती है, लेकिन उनका फोकस हमेशा उस समय पर काम पूरा करने पर ही रहता है।
रश्मिका का कहना है कि काम के घंटों का बहस करने की बजाय जरूरी यह है कि जो समय दिया गया है, उस समय आप पूरी तरह मौजूद और सक्रिय रहें। यह पूरा मामला व्यावहारिक समझ और टीम के बीच सहमति का विषय है।

रश्मिका मंदाना के इस बयान से स्पष्ट होता है कि वे दीपिका पादुकोण के 8 घंटे की शिफ्ट वाले विवाद पर पक्षपातरहित और व्यावहारिक दृष्टिकोण रखती हैं, जो इंडस्ट्री के बदलते माहौल को समझने वाला है। यह बयान वर्किंग कंडीशंस पर चर्चा को और बढ़ावा देगा और कलाकारों के लिए बेहतर काम के घंटे तय करने में मददगार साबित हो सकता है।






































