
Tata Capital IPO: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी टाटा कैपिटल ने अपने 15,512 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए प्रत्येक शेयर के लिए 310-326 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया है। ये साल 2025 का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। बोली के लिए शेयर की अपर रेंज पर टाटा कैपिटल की वैल्यूएशन लगभग 1.38 लाख करोड़ रुपये है। बयान के अनुसार, आईपीओ 6 अक्टूबर को खुलेगा और 8 अक्टूबर को बंद होगा। एंकर निवेशक 3 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे। कुल 47.58 करोड़ शेयरों वाले टाटा कैपिटल के आईपीओ में 21 करोड़ के नए शेयर होंगे, जबकि 26.58 करोड़ शेयर ओएफएस के जरिए जारी किए जाएंगे।
टाटा कैपिटल में टाटा संस की है 88.6 प्रतिशत हिस्सेदारी
मौजूदा समय में, टाटा कैपिटल में टाटा संस की 88.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि आईएफसी की 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी के 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना है। आईपीओ से मिली राशि का इस्तेमाल कंपनी के टियर-1 (शेयर पूंजी) पूंजी आधार को मजबूत करने और उधारी सहित भविष्य की पूंजी आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा। टाटा कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राजीव सभरवाल ने बताया कि एनबीएफसी लगभग 11 प्रतिशत की बाजार वृद्धि दर की तुलना में 17-18 प्रतिशत की उच्च दर से बढ़ रही है। इस कारण कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है।
फाइनेंशियल सेक्टर का सबसे बड़ा आईपीओ होगा
ये आईपीओ भारत के फाइनेंशियल सेक्टर का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा। नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज के बाद ये हाल के सालों में टाटा ग्रुप का दूसरा आईपीओ होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उच्च-स्तरीय एनबीएफसी के लिए लिस्टिंग नियमों के तहत ये आईपीओ लाया जा रहा है, जिसके अनुसार कंपनी को 3 सालों के अंदर लिस्ट करना जरूरी है।
टाटा कैपिटल को सितंबर 2022 में घोषित किया गया था उच्च-स्तरीय एनबीएफसी
टाटा कैपिटल को सितंबर 2022 में उच्च-स्तरीय एनबीएफसी घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में इंडस्ट्री में एनपीए काफी कम होने, आरबीआई की नई नीतियों के कारण रेपो रेट में कमी आने और नकदी में सुधार होने से एनबीएफसी को भी फायदा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि वृद्धि के अवसर और भी बेहतर हुए हैं।
क्या काम करती है टाटा कैपिटल
वाणिज्यिक वाहन बाजार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ये 10 लाख करोड़ रुपये का एक बड़ा बाजार है, जिसमें हर साल औसतन लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का वितरण होता है। टाटा कैपिटल लोन देने के अलावा इंश्योरेंस और क्रेडिट कार्ड जैसे थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स का वितरण भी करती है, ऐसेट मैनेजमेंट सेवाएं देती है और प्राइवेट इक्विटी फंडों के लिए प्रायोजक और निवेश प्रबंधक के रूप में काम करती है।







































