उत्तर प्रदेश (यूपी) में टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी बनकर बाहर आई। इस गाड़ी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 15 अप्रैल को प्लांट में हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा है कि यह ‘फ्लैग-ऑफ’ कार्यक्रम केवल एक औद्योगिक क्रांति ही नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक उड़ान के लिए एक ‘लॉन्चपैड’ है, जो ‘नए उत्तर प्रदेश’ को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। अपनी 34 वर्षों की यात्रा में, टाटा मोटर्स के इस प्लांट ने नई सोच, नए निवेश और एक नई दृष्टि को ज़मीनी स्तर पर उतारा है।
एन. चंद्रशेखरन ने कहा- भारत में विकास और अवसरों की अपार संभावनाएं
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 10 लाखवें वाहन के लॉन्च का साक्षी बनना बेहद गर्व और खुशी का पल है। 1992 में जिस प्लांट की कल्पना की गई थी और जिसकी शुरुआत हुई थी, आज वह 34 साल का सफर तय कर एक बड़े मुकाम पर पहुंच चुका है। कंपनी को पूरा भरोसा है कि जिस रफ्तार से उत्पादन और मांग बढ़ रही है, उसे देखते हुए आने वाले 5 वर्षों में 20 लाख वाहनों का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल नहीं होगा। भारत में विकास और अवसरों की अपार संभावनाएं हैं, और यही वजह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले कई दशकों तक दुनिया की अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से तेज गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार मानी जा रही है।
इसके साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का विजन भी तेजी से साकार होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, और ऐसे औद्योगिक मील के पत्थर इस लक्ष्य को और मजबूती दे रहे हैं।
पैसेंजर व्हीकल्स की रही जोरदार बिक्री
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड की मार्च, 2026 में कुल बिक्री 29 प्रतिशत बढ़कर 66,971 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 51,872 इकाई थी। कंपनी के मुताबिक, घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री 66,192 इकाई रही, जो पिछले साल मार्च के आंकड़े 51,616 इकाई की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।






































