17 मिनट पहले
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मलयालम सिनेमा के सीनियर एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोडयूसर श्रीनिवासन का शनिवार को 69 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और अपने घर उदयमपेरूर में इलाज करा रहे थे।
शनिवार को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें त्रिप्पुनिथुरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की।
श्रीनिवासन का जन्म 6 अप्रैल 1956 को केरल के थालास्सेरी के पास पट्टयम में हुआ था। उनके पिता स्कूल टीचर थे और मां हाउसवाइफ थीं। उन्होंने कडिरूर से पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मट्टानूर के पीआरएनएसएस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। बाद में उन्होंने चेन्नई के फिल्म और टेलीविजन संस्थान से फिल्म की पढ़ाई की।
उन्होंने साल 1977 में पी.ए. बैकर की फिल्म मणिमुझक्कम से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। करीब पांच दशकों के करियर में उन्होंने 225 से अधिक फिल्मों में काम किया। सामाजिक व्यंग्य और आम जिंदगी से जुड़े किरदारों के लिए उनको खास पहचान मिली।
अभिनय के साथ उन्होंने कई यादगार फिल्मों की पटकथाएं लिखीं। उन्होंने निर्देशन भी किया और कुछ फिल्मों का निर्माण भी किया। उनके काम को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिले।
उनके परिवार में पत्नी विमला और दो बेटे हैं। बेटे विनीत श्रीनिवासन और ध्यान श्रीनिवासन भी मलयालम सिनेमा के जाने-माने नाम हैं।





































