आईआरसीटीसी (IRCTC) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) संजय कुमार जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि उनका इस्तीफा मंजूर हो चुका है, लेकिन वह 20 जुलाई 2026 तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। उनके इस फैसले ने रेलवे और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच चर्चा तेज कर दी है।
आईआरसीटीसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) संजय कुमार जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। भारत सरकार ने भी उनके इस इस्तीफे को आधिकारिक तौर पर मंजूर कर लिया है। हालांकि, वह तुरंत अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि आगामी 20 जुलाई, 2026 तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
निजी कारणों का दिया हवाला
संजय कुमार जैन ने अपने इस्तीफे को पूरी तरह निजी कारणों से जुड़ा बताया है। रेलवे बोर्ड के गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी तरह का दबाव या विवाद उनके इस्तीफे की वजह नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से यह निर्णय लिया और सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया।
कार्यकाल पूरा होने से पहले छोड़ा पद
दिलचस्प बात यह है कि संजय जैन का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक था। यानी उनके पास करीब छह महीने का कार्यकाल अभी बाकी था। इसके बावजूद उन्होंने समय से पहले पद छोड़ने का फैसला लिया। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब वह 20 जुलाई तक ही CMD पद पर बने रहेंगे।
2024 में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी
संजय कुमार जैन को वर्ष 2024 में IRCTC का CMD नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व में कंपनी ने टिकट बुकिंग, पर्यटन सेवाओं और कैटरिंग से जुड़े कई क्षेत्रों में काम किया। वह भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) के 1990 बैच के अधिकारी हैं और रेलवे प्रशासन में लंबा एक्सपीरिएंस रखते हैं।
भागलपुर से दिल्ली तक का सफर
संजय कुमार जैन मूल रूप से बिहार के भागलपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता भागलपुर के एक बेहद प्रतिष्ठित और जाने-माने व्यवसायी हैं। संजय जैन की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा भी भागलपुर से ही पूरी हुई है। इसके बाद, चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए वह कुछ सालों तक कोलकाता में भी रहे। रेलवे के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए उन्होंने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है और उनके इस इस्तीफे को रेलवे और आईआरसीटीसी के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।







































