पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि वो ईरान से सस्ता तेल और गैस आयात करने पर विचार कर रहा है। बताते चलें कि अमेरिका ने प्रतिबंधों में ढील दी है और इसके तहत ईरान को कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए 60 दिन की छूट दी है। पेट्रोलियम मामलों के संघीय मंत्री अली परवेज मलिक ने लाहौर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान-अमेरिका संघर्ष खत्म होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में शांति लौट आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम की कीमतों में कमी आई है।
अंतरराष्ट्रीय समझौतों और दायित्वों के अनुसार ही काम करेगा पाकिस्तान
परवेज मलिक ने पीसी में कहा, “हम ईरान से सस्ता तेल और गैस आयात करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि हालांकि, पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय समझौतों और दायित्वों के अनुसार ही काम करती रहेगी।
कच्चा तेल सस्ता होने पर पाकिस्तान में घटाई गईं पेट्रोल की कीमतें
पेट्रोलियम मामलों के मंत्री ने कहा, “हमने उपभोक्ताओं को जो राहत दी है, वो पिछले सप्ताह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से कहीं ज्यादा है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें फिर से गिरती हैं, तो हम उसी के अनुसार घरेलू कीमतें भी कम करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पेट्रोलियम की कीमतों को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
पाकिस्तान में 414 रुपये तक पहुंच गई थी कीमत
परवेज मलिक ने कहा, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ये सुनिश्चित किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें कम होने का फायदा तुरंत लोगों तक पहुंचाया जाए।” अमेरिका-ईरान संघर्ष के चरम पर होने के दौरान, पाकिस्तान में पेट्रोलियम की कीमतें 414 रुपये (पाकिस्तानी मुद्रा) प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। फिलहाल, पेट्रोल की कीमत 300 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है।
कई हिस्सों में गैस की भारी किल्लत
अर्थशास्त्री महमूद रसूल ने PTI से बात करते हुए कहा, “पाकिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में अभी गैस की भारी किल्लत है।” उन्होंने आगे कहा कि संकट के कारण सरकार उपभोक्ताओं को, खासकर पंजाब में, दिन में कुछ ही घंटे गैस उपलब्ध करा पा रही है।
अमेरिका ने दी है 60 दिनों की छूट
अमेरिका ने 60 दिन की छूट देकर अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में ढील दी है, जिससे ईरान को कुछ शर्तों के तहत कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने की अनुमति मिल गई है। ये प्रतिबंधों को स्थायी रूप से हटाने जैसा नहीं है और ये छूट अमेरिका-ईरान बातचीत के नतीजों के आधार पर बढ़ाई या खत्म की जा सकती है। इस फैसले के बाद, आम जनता को फायदा पहुंचाने के लिए अलग-अलग हलकों से ईरान से सस्ता तेल और गैस खरीदने की मांग उठ रही है।
ये भी पढ़ें-
भारत ने रूस से बढ़ाई क्रूड ऑयल की खरीद, अमेरिकी तेल के आयात में भारी गिरावट







































