
संसद के अंदर की तस्वीर
Vice Presidential Election: देश में उपराष्ट्रपति का चुनाव के लिए वोटिंग इसी महीने 9 सितंबर को होनेवाली है। इस चुनाव में एनडीए और इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार के बीच सीधा मुकाबला है। सत्ताधारी गठबंधन NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों नेता नामांकन दाखिल कर चुके हैं और अब इंतजार है कि 9 सितंबर का। 9 सितंबर को वोटिंग के बाद देर शाम तक राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे सामने आ जाएंगे। दोनों उम्मीदवार समर्थन जुटाने के लिए सांसदों से संपर्क कर रहे हैं।
एस राधाकृष्णन का कार्यकाल
1952 से 2025 तक देश में कुल 14 उपराष्ट्रपति हुए हैं। दो नेता ऐसे रहे जो लगातार दो बार उपराष्ट्रपति बने और इस संवैधानिक पद पर लगातार 10 वर्षों तक अपनी सेवा दी। देश के पहले उपराष्ट्रपति एस राधाकृष्णन ने अपना पहला कार्यकाल 1952 से 1957 तक पूरा किया। इसके बाद वे दोबारा उपराष्ट्रपति बने और 1957-1962 तक इस पद पर रहे। वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति थे और लगातार दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे।
हामिद अंसारी का कार्यकाल
एस राधाकृष्णन के बाद हामिद अंसारी ही एक मात्र उपराष्ट्रपति रहे, जो लगातार दो बार इस संवैधानिक पद पर कार्यरत रहे। हामिद अंसारी का पहला कार्यकाल 2007-2012 का रहा और इसके बाद 2012 में दोबारा वे उपराष्ट्रपति चुन लिए गए। उन्होंने 2012-2017 तक अपना दूसरा कार्यकाल पूरा किया।
सबसे छोटा कार्यकाल किस उपराष्ट्रपति का रहा?
इस तरह से एस राधाकृष्णन और हामिद अंसारी सबसे लंबे समय तक उपराष्ट्रपति पद पर सेवारत रहे। वहीं बतौर उपराष्ट्रपति सबसे छोटा कार्यकाल अगर किसी का रहा तो वो हैं वीवी गिरी। वे 13 मई 1967 से 20 जुलाई 1969 तक उपराष्ट्रपति रहे। इनका कार्यकाल करीब दो वर्ष दो महीने का रहा। अब सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह रही कि इतने कम समय में ही उन्हें उपराष्ट्रपति का पद छोड़ना पड़ा? दरअसल, उसी दौरान राष्ट्रपति जाकिर हुसैन का निधन हो गया था। जिसके बाद वीवी गिरी को राष्ट्रपति चुन लिया गया।
कैसे होता है उपराष्ट्रपति चुनाव?
बता दें कि उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है। यह एक अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया है, जिसमें संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं। यह प्रक्रिया राष्ट्रपति के चुनाव से थोड़ी अलग है क्योंकि इसमें राज्य विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती। उपराष्ट्रपति चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत (Single Transferable Vote) प्रणाली के तहत गुप्त मतदान द्वारा होता है। उम्मीदवार को जीतने के लिए कुल वैध मतों का आधा से ज्यादा वोट प्राप्त करना जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया का संचालन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है और लोकसभा या राज्यसभा के महासचिव को रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है।







































