ओडिशा के कालाहांडी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सड़क की खराब हालत के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान करीब दो किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद उसे निजी ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना कालाहांडी जिले के थुआमूल रामपुर ब्लॉक के घुटीगुड़ा गांव की है। गर्भवती महिला की पहचान रंजीता माझी के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर रात रंजीता माझी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार के लोगों ने तुरंत सरकारी जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस को फोन कर बुलाया ताकि उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। लेकिन गांव तक जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब थी कि एंबुलेंस वहां तक नहीं पहुंच सकी।
बताया जा रहा है कि गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भरा हुआ था और जगह-जगह सड़क टूटी हुई थी। ऐसे में एंबुलेंस चालक ने आगे बढ़ने में असमर्थता जताई। परिवार के लोग काफी देर तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन जब वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाया तो उसे वापस लौटना पड़ा।
पूरी रात मदद का इंतजार करने के बाद शनिवार सुबह परिवार ने एक निजी ऑटो-रिक्शा की व्यवस्था की। हालांकि ऑटो भी गांव तक नहीं पहुंच सकता था। ऐसे में ग्रामीणों ने मिलकर एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और रंजीता माझी को उस पर लिटाकर कीचड़ और खराब रास्ते से करीब दो किलोमीटर तक पैदल उठाकर मुख्य सड़क तक ले गए। मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद रंजीता माझी को निजी ऑटो-रिक्शा में बैठाकर थुआमूल रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
इस घटना के बाद इलाके में बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर नाराजगी देखने को मिली है। गांव तक हर मौसम में आने-जाने लायक सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अक्सर ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सड़क बनाने की मांग कई बार प्रशासन के सामने रखी गई, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। खराब सड़क के कारण एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव तक जल्द से जल्द अच्छी सड़क बनाई जाए ताकि भविष्य में किसी भी मरीज, गर्भवती महिला या अन्य जरूरतमंद व्यक्ति को ऐसी कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने दूरदराज के गांवों में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की भी अपील की है।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)
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