Kerala Assembly Elections 2026: केरल में विधानसभा चुनावों के में सभी सियासी दलों ने अपने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है। इसी क्रम में पेरावूर सीट पर भी इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस सीट पर सीपीएम, कांग्रेस और बीडीजेएस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस सीट से मौजूदा विधायक कांग्रेस के सनी जोसेफ हैं। गौरतलब है कि केरल (केरलम) में सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान एक ही चरण में 9 अप्रैल, 2026 को होगा। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पेरावूर सीट का इतिहास
केरल के उत्तर स्थित कन्नूर में पेरावूर विधानसभा सीट पड़ती है। यह केरल विधानसभा की 16 वीं सीट है। यह कन्नूर लोकसभा अंतर्गत एक सामान्य सीट है। इस विधानसभा सीट का गठन 1977 में हुआ था। यह सीट कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की गढ़ मानी जाती है। हालांकि बीच-बीच में इस सीट पर वाम दलों के उम्मीदवारों को भी सफलता मिली है। पेरावूर सीट में मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र शामिल हैं। यह इलाका पहाड़ी और वन क्षेत्रों के करीब है, जिससे यहां कृषि और छोटे व्यवसाय प्रमुख आजीविका के साधन हैं।
केरल की “स्विंग सीट”
पेरावूर सीट को केरल की “स्विंग सीट” भी माना जाता है क्योंकि यहां अक्सर सत्ता परिवर्तन देखने को मिलता है। यह सीट राज्य की समग्र राजनीतिक दिशा का संकेत देने वाली सीटों में गिनी जाती है। 2026 के विधानसभा चुनाव में यूडीएफ के नेता सनी जोसेफ के सामने सीपीआईएम की सीनियर नेता केके शैलजा मैदान में हैं। वहीं बीडीजेएस ने पेली वाथ्याट्टू चुनाव मैदान में उताकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया है।
2021 के चुनाव नतीजे
2021 के विधानसभा चुनाव में UDF की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार सन्नी जोसेफ ने करीब 3 हजार वोटों के अंतर से सीपीआईएम उम्मीदवार केवी सगीर हुसैन को हरा दिया था। सनी जोसेफ को 66,706 वोट मिले थे। उनको मिले वोटों का प्रतिशत 46.9 था। वहीं केवी सगीर हुसैन को63,534 वोट हासिल हुए थे। बीजेपी उम्मीदवार को 9,155 वोट हासिल हुए थे।
2016 के चुनाव नतीजे
2016 के विधानसभा चुनाव में भी यूडीएफ की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार सन्नी जोसेफ ने बाजी मारी थी। उन्होंने सीपीआईएम के बिनॉय कुरियन को 7,900 वोटों के अंतर से हराया था। सन्नी जोसेफ को कुल 65,658 वोट मिले थे जबकि बिनॉय कुरियन को 57,669 वोट हासिल हुए थे जबकि बीजेपी उम्मीदवार पी. पाईलो को करीब 9 हजार वोटों से संतोष करना पड़ा था।






































