
क्रिप्टो मार्केट में बीते कई दिनों से ऐसी तूफानी गिरावट देखी गई कि निवेशकों के होश उड़ गए। जिस बिटकॉइन (Bitcoin) को कुछ ही दिन पहले नई ऊंचाइयों पर उड़ते देखकर लोग करोड़ों लगाने को तैयार बैठे थे, वही अब ऑल-टाइम हाई से करीब 35% टूटकर बिखर गया है। बाजार में ऐसी दहशत फैली कि सिर्फ एक दिन में ही निवेशकों की करीब 27 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति हवा हो गई।
20 नवंबर को शाम 5:30 बजे तक ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप 3.13 ट्रिलियन डॉलर था, जो 21 नवंबर को इसी समय तक गिरकर 2.82 ट्रिलियन डॉलर रह गया। महज 24 घंटे में 310 बिलियन डॉलर का सफाया। ऐसी गिरावट 2022 के क्रिप्टो विंटर की याद दिला रही है।
बिटकॉइन ने दिया सबसे बड़ा झटका
क्रिप्टो मार्केट का राजा कहे जाने वाला बिटकॉइन लगातार गिरावट के दबाव में आ गया है। पिछले कुछ दिनों में निवेशकों ने जिस तेजी की उम्मीद की थी, वह धराशायी हो गई। बिटकॉइन की कीमत में 35% की गिरावट ने मार्केट का पूरा सेंटिमेंट निगेटिव कर दिया। निवेशकों को यह गिरावट अचानक और बेहद डराने वाली लगी, क्योंकि बाजार में किसी बड़े नियम-कानून, सरकारी सख्ती या एक्सचेंज हैक की कोई खबर नहीं थी। यही वजह है कि यह क्रैश अनएक्सपेक्टेड माना जा रहा है, जिसने ट्रेडर्स को भारी नुकसान पहुंचाया है।
इथेरियम समेत सभी टॉप कॉइन्स धराशायी
बिटकॉइन के साथ-साथ इथेरियम और बाकी टॉप ऑल्टकॉइन्स भी बड़ी गिरावट की चपेट में आ गए। इथेरियम की कीमत दो अंकों में गिर गई। सोलाना, BNB, XRP और Dogecoin जैसे कॉइन्स में भी भारी स्लाइड देखने को मिली। इसके अलावा, कई मिड-कैप और स्मॉल-कैप क्रिप्टो 20-40% तक टूट गए। निवेशकों में घबराहट इतनी बढ़ गई कि कई लोगों ने नुकसान में अपनी होल्डिंग्स बेच दीं, जिससे गिरावट और गहरी हो गई।
24 घंटे में 27 लाख करोड़ उड़ गए
मार्केट में अचानक आई गिरावट की वजह से भारतीय निवेशकों पर इस क्रैश का सीधा असर पड़ा। कई ट्रेडर्स की लिक्विडेशन हो गई और लाखों रुपये के निवेश पलक झपकते आधे रह गए। एक्सचेंजों पर पैनिक सेलिंग बढ़ गई ग्लोबल मार्केट कैप में 3.13 ट्रिलियन डॉलर से 2.82 ट्रिलियन डॉलर तक की गिरावट ने साफ कर दिया कि क्रिप्टो में जोखिम किसी भी समय विस्फोटक रूप ले सकता है।







































