
भारत सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए चार भारतीय कंपनियों को चीन से रेयर अर्थ (Rare Earth) मैग्नेट्स आयात करने की मंजूरी दे दी है। इनमें हिताची और कॉन्टिनेंटल इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों की भारतीय यूनिट भी शामिल हैं। यह फैसला देश की ऑटो और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो पिछले कुछ महीनों से चीन के निर्यात कंट्रोल के कारण गंभीर सप्लाई संकट का सामना कर रही थी।
चीन से टूटेगी सप्लाई की जंजीर
अप्रैल में चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट्स पर सख्त एक्सपोर्ट कंट्रोल लागू कर दिए थे। हालांकि चीन ने इस पर सीधा बैन नहीं लगाया था, लेकिन परमिट प्रक्रिया को इतना मुश्किल बना दिया कि भारतीय कंपनियों के लिए जरूरी मैग्नेट्स मंगाना लगभग असंभव हो गया था। अब भारत सरकार द्वारा जारी किए गए ये लाइसेंस इस सप्लाई फ्रीज को तोड़ने की दिशा में पहला कदम हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की है कि कुछ भारतीय कंपनियों को चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट्स मंगाने की मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया, “हां कुछ भारतीय कंपनियों को चीन से रेयर अर्थ्स आयात करने का लाइसेंस दिया गया है।”
क्यों जरूरी है रेयर अर्थ मैग्नेट?
रेयर अर्थ मैग्नेट्स, खासकर Neodymium-Iron-Boron (NdFeB), इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टरबाइन और हाई-टेक उपकरणों के निर्माण में बेहद जरूरी कंपोनेंट हैं। इनके बिना EV मोटर्स बनाना मुश्किल हो जाता है। इन मैग्नेट्स की सप्लाई रुकने से भारत के EV सेक्टर में प्रोडक्शन देरी और कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा था।
सख्त शर्तों के साथ मिले हैं लाइसेंस
सरकार द्वारा जारी किए गए ये परमिट सशर्त हैं। आयात करने वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि चीन से मंगाए गए मैग्नेट्स का इस्तेमाल सिर्फ वाहनों में होगा, रक्षा से जुड़े कामों में नहीं। इसके अलावा, सभी आयातकों को DGFT से आवश्यक अप्रूवल भी लेना पड़ा है।
उद्योग को मिली बड़ी राहत
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कदम भारतीय ऑटो निर्माताओं को महंगे री-डिजाइन से बचाएगा। चीन की नई नीति के तहत वह कार कंपनियों को पूरी इलेक्ट्रिक मोटर असेंबली खरीदने को कह रहा था, जिससे भारत की गाड़ियों में बड़े बदलाव करने पड़ते। अब सीधे मैग्नेट्स आयात करने की अनुमति मिलने से कंपनियां अपने डिजाइन को कस्टमाइज कर वाहन उत्पादन जारी रख सकेंगी।





































