
राष्ट्रपति मुर्मू ने जी राम जी बिल को मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जी राम जी बिल को मंजूरी दे दी है। उनकी सहमति मिलने के बाद जी राम जी बिल अब कानून बन गया है। बता दें कि मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया गया है। इसके साथ ही इस बिल में कई सुधार भी किए गए हैं। जैसे- अब जी राम जी योजना के तहत कामगारों को 125 दिन के काम की गारंटी मिलेगी। जबकि मनरेगा में सिर्फ 100 दिन काम का वादा था। इस आर्टिकल में पढ़िए जी राम जी कानून में क्या-क्या खास है।
मनरेगा में कई कमियां थीं- शिवराज
INDIA TV में एक्सक्लूसिव बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया था, ‘मनरेगा में कई कमियां थीं, उन्हें लोग जानते हैं। G-RAM-G योजना बहुत चर्चा के बाद बनाई है। कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार के समय जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला गया था। इससे क्या जवाहर लाल नेहरू जी का सम्मान कम हुआ? विपक्ष, जी राम जी योजना पर व्यर्थ ही विवाद कर रहा है। गांधी जी के नाम का कांग्रेस ने गलत उपयोग किया। चुनाव के कारण कांग्रेस ने मनरेगा में गांधी जी के नाम को जोड़ा था। 2009 के लोकसभा चुनाव के वक्त गांधी जी का नाम मनरेगा में जोड़ा था।







































