
झारखंडवासियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के तीन प्रमुख शहरों-रांची, जमशेदपुर और धनबाद में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर उम्मीदें तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इन शहरों के लिए नया और अपडेटेड कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने को कहा है। लाइवहिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से रांची में मेट्रो रेल की मांग के बाद, राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग ने तत्परता दिखाते हुए नया सीएमपी तैयार करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है।
लगभग एक दशक पहले तैयार हुआ था पुराना प्लान
झारखंड सरकार ने केंद्र को करीब 10 साल पुराना तैयार किया गया कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान भेजा था, लेकिन केंद्र ने इसे मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अधूरा माना। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि अब एक व्यापक और विस्तृत नया प्लान डेढ़ से दो महीने के भीतर केंद्र को सौंप दिया जाएगा। जानकार बताते हैं कि कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान किसी भी मेट्रो परियोजना की आधारशिला है।
इसमें शहर के ट्रैफिक पैटर्न, सार्वजनिक परिवहन की स्थिति, भीड़-भाड़, सड़क नेटवर्क और पर्यावरणीय प्रभावों का गहराई से एनालिसिस शामिल होता है। इसी के आधार पर मेट्रो के रूट, आर्थिक व्यवहार्यता और ऑपरेशन स्ट्रैटेजी तय की जाती हैं।
मेट्रो रेल क्या फायदे होंगे
इन शहरों में मेट्रो के आने से ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी आएगी मेट्रो के आने से सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण दोनों घटेंगे। मेट्रो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का ऑप्शन मिलेगा। मेट्रो बिजली से संचालित होने के कारण ऊर्जा की बचत करती है और कार्बन उत्सर्जन को कम करती है। राज्य सरकार का मानना है कि नया कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान केंद्र को सौंपने के बाद मेट्रो परियोजना की औपचारिक मंजूरी की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी, जिससे झारखंड के ये प्रमुख शहर आधुनिक और प्रभावशाली शहरी परिवहन व्यवस्था से संपन्न हो सकेंगे।







































