वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के ज्यादातर सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया है। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि कनाडा ने अमेरिकी ऑटो, शराब और डेयरी उत्पादों के साथ गलत व्यवहार किया है। इस कदम से आर्थिक उथल-पुथल का नया दौर शुरू हो सकता है। इससे महंगाई बढ़ने और दोनों देशों के बीच रिश्ते और खराब होने का खतरा है, जबकि ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने से पहले ये रिश्ते काफी मजबूत थे। इस कदम की जानकारी देने वाले प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि चीन के अलावा कनाडा ही एकमात्र ऐसा देश था जिसने ट्रंप के पिछले टैरिफ का जवाब दिया था, इसलिए उसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
30 दिनों में लागू होंगे टैरिफ
दरअसल, 50% टैरिफ में ऊर्जा उत्पाद, पोटाश, मछली और जरूरी खनिज शामिल नहीं होंगे, लेकिन इसमें वे सामान शामिल होंगे जिन्हें पहले यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के तहत आयात कर से छूट मिली हुई थी। अमेरिका ने 2020 के उस व्यापार समझौते को रिन्यू नहीं किया, जिससे बातचीत का एक नया दौर शुरू हुआ जो 2036 तक चल सकता है। व्हाइट हाउस ने एक फैक्ट शीट में कहा कि टैरिफ 30 दिनों में लागू हो जाएंगे और इनमें “वाइन से लेकर हॉकी स्टिक और सीमेंट तक के उत्पाद” शामिल होंगे। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कनाडा पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की संभावना पर विचार करने के लिए भी कहा है, क्योंकि वहां लगी आग से अमेरिका में हवा की गुणवत्ता खराब होती है।
फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में मिले दोनों नेता
बता दें कि इससे पहले फीफा वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान, ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मैच देखा। ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि मैच के दौरान उनकी मुलाकात, व्यापार और टैरिफ पर चर्चा करने के लिए कोई आधिकारिक दौरा नहीं था। मार्क कार्नी ने खुले तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को चुनौती दी है और दूसरे देशों के साथ कनाडा के व्यापारिक संबंध बढ़ाने की कोशिश की है।
ट्रंप का दावा है कि कनाडा दूसरे देशों की तुलना में अमेरिकी ऑटो, शराब और चीज (पनीर) के साथ भेदभाव करता है। लेकिन उनका तर्क मुख्य रूप से कनाडा द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई पर आधारित है। यह कार्रवाई तब हुई थी जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बहाने कनाडा पर टैरिफ लगा दिया था कि उसे फेंटानिल की तस्करी रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए।
ट्रंप-कार्नी के बिगड़ते रिश्ते
इससे पहले भी ट्रंप और कार्नी के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। पूर्व सेंट्रल बैंकर कार्नी ने पिछले साल कनाडा के लिए खड़े होने का वादा करके प्रधानमंत्री का पद हासिल किया था। जनवरी में स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में, कार्नी ने ट्रंप का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि “सबसे शक्तिशाली” देश कम शक्तिशाली देशों पर दबाव बनाने के लिए अर्थव्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। उस समय ट्रंप ने जवाब में कहा था, “कनाडा अमेरिका की वजह से ही टिका हुआ है।”
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