दिल्ली-एनसीआर के लोगों का जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने का इंतजार अब अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को भव्य उद्घाटन किए जाने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पहली कमर्शियल फ्लाइट रनवे से कब उड़ान भरेगी। हालांकि, उद्घाटन हो चुका है और एयरोड्रम लाइसेंस भी मिल चुका है, लेकिन संचालन शुरू करने से पहले कुछ तकनीकी और प्रशासनिक पेंच अभी भी फंसे हुए हैं। इन अड़चनों को दूर करने के लिए आगामी 20 अप्रैल का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) के बोर्ड सदस्यों की एक हाई-लेवल बैठक 20 अप्रैल को तय की गई है। नायल के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह (आरके सिंह) ने बताया कि इस दिन बोर्ड के सदस्यों को साइट विजिट के लिए आमंत्रित किया गया है। अधिकारी न केवल एयरपोर्ट की तैयारियों का भौतिक निरीक्षण करेंगे, बल्कि उन बाधाओं पर भी चर्चा करेंगे जो टिकट बुकिंग शेड्यूल जारी करने में आड़े आ रही हैं।
विदेशी सीईओ और सुरक्षा मंजूरी का पेंच
एयरपोर्ट के पूरी तरह चालू होने में एक मुख्य अड़चन विदेशी सीईओ की नियुक्ति और उनसे जुड़ी सुरक्षा आपत्तियों को लेकर फंसी है। सूत्रों के अनुसार, विकास की प्रक्रिया में कुछ तकनीकी आपत्तियां जताई गई हैं, जिन्हें सुलझाना अनिवार्य है। 20 अप्रैल की बैठक में बोर्ड के सदस्य इस मसले का कानूनी और कूटनीतिक हल निकालने का प्रयास करेंगे, ताकि सुरक्षा क्लीयरेंस में कोई देरी न हो।
तीन एयरलाइंस के साथ डील पक्की
राहत की बात यह है कि उड़ानों के संचालन के लिए तीन प्रमुख एयरलाइंस के साथ पहले ही साझेदारी (MOU) हो चुकी है। एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त होने के बाद अब केवल एयरलाइंस द्वारा अपना फ्लाइट शेड्यूल और टिकट बुकिंग शुरू करने का इंतजार है। जैसे ही 20 अप्रैल की बैठक में प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी, एयरलाइंस को बुकिंग शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी जाएगी।
कब शुरू होंगी उड़ानें?
यद्यपि रनवे और टर्मिनल पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 20 अप्रैल की बोर्ड बैठक के बाद ही उड़ानों की सटीक तारीख साफ हो पाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बैठक सफल रहती है, तो अप्रैल के अंत या मई के शुरुआती हफ्ते में पहली फ्लाइट जेवर के आसमान में दिखाई दे सकती है।





































