सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते उड़ानों में आई बाधाओं और क्षमता की कमी को देखते हुए कुछ विदेशी एयरलाइंस को अस्थायी तौर पर अतिरिक्त स्लॉट दिए हैं। इस कदम का मकसद बढ़ती यात्री मांग को संभालना और एयरपोर्ट संचालन को सुचारु बनाए रखना है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा या IGIA, जो देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है, पर अप्रैल और मई के लिए KLM और Air Canada जैसी एयरलाइंस को अतिरिक्त स्लॉट अलॉट किए गए हैं। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पश्चिम एशिया संकट का असर
28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट- जिसमें अमेरिका, इज़राइल और ईरान शामिल हैं, के चलते कई देशों के एयरस्पेस पर पाबंदियां लग गई हैं और परिचालन जटिलताएं बढ़ गई हैं। इसके कारण कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं और कई एयरलाइंस ने इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सेवाओं में कटौती की है।
सीमित असर की उम्मीद
S&P ग्लोबल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल इस संकट का दिल्ली एयरपोर्ट के यात्री ट्रैफिक पर सीमित प्रभाव पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि DIAL ने भारतीय और खाड़ी देशों की कुछ एयरलाइंस के स्लॉट्स को अस्थायी रूप से 2-3 सप्ताह के लिए अन्य एयरलाइंस को आवंटित किया है। कंपनी का इरादा है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक यह व्यवस्था जारी रखी जाए, ताकि संचालन पर असर कम किया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट के करीब 28% अंतरराष्ट्रीय यात्री और कुल यातायात का 7-8% हिस्सा इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
ट्रैफिक में सुधार
संघर्ष के शुरुआती सप्ताह में उड़ानों पर काफी असर पड़ा, लेकिन बाद में एयरलाइंस ने मध्य-पूर्व के एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाए। इससे यात्री ट्रैफिक में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली और मध्य-पूर्व के बीच कुल यातायात का 25-30% हिस्सा ट्रांज़िट उड़ानों का है, जिन्हें अब वैकल्पिक रूट से संचालित किया जा रहा है।
ब्रिटिश एयरवेज की अतिरिक्त उड़ानें
इस बीच British Airways ने भी बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त उड़ानों का ऐलान किया है। 7 अप्रैल से 31 मई तक दिल्ली से लंदन हीथ्रो के लिए तीसरी दैनिक उड़ान चलाई जाएगी। वहीं, 15 मई से 31 मई तक मुंबई से लंदन हीथ्रो के लिए तीसरी दैनिक उड़ान उपलब्ध होगी।






































