तमिलनाडु Assembly Election के मद्देनजर Edappadi विधानसभा सीट एक बार फिर राज्य की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। यह विधानसभा सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां से पूर्व सीएम Edappadi K. Palaniswami चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिनका इलाके में व्यक्तिगत संबंध और सियासी अनुभव इस चुनावी टक्कर को खासा दिलचस्प बना रहा है।
DMK प्रत्याशी से पलानीस्वामी की सीधी टक्कर
AIADMK के वरिष्ठ नेता पलानीस्वामी अपने किले को बचाने के लिए Edappadi में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। उनके सामने DMK के प्रत्याशी C Kaasi हैं, जो तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी की ताकत और संगठन के बूते इस विधानसभा सीट पर सेंध लगाने का प्रयास कर रहे हैं। डीएमके की स्ट्रैटेजी लोकल मुद्दों, डेवलपमेंट और कल्याणकारी योजनाओं को फोकस में रखकर वोटर्स को रिझाने की है।
मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटी NTK
वहीं, तीसरे मोर्चे के तौर पर Naam Tamilar Katchi की प्रत्याशी A Priyadharshini भी Edappadi से चुनावी मैदान में हैं। NTK भले ही विजय की प्रमुख दावेदार नहीं मानी जा रही हो, लेकिन युवा वर्ग और क्षेत्रीय पहचान के मामले पर उसका असर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगा हुआ है।
चुनाव में किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?
Edappadi विधानसभा सीट पर टक्कर मुख्य तौर पर AIADMK और DMK के बीच मानी जा रही है, लेकिन NTK पार्टी की मौजूदगी वोट कटवा का रोल निभा सकती है, जिससे समीकरण बदलने की उम्मीद बनी हुई है। लोकल स्तर पर डेवलपमेंट, किसानों के मुद्दे, रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर चुनावी बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
ऐसे में Edappadi का यह इलेक्शन केवल एक विधानसभा सीट का नहीं, बल्कि तमिलनाडु की सियासी दिशा का संकेत देने वाला माना जा रहा है। सभी राजनीतिक दलों की नजरें इस हाई-प्रोफाइल टक्कर पर टिकी हैं, जहां हर मतदाता महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।






































