भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आज से लागू हो गया। इस मौके पर दोनों देशों के उद्योग और कारोबारी संगठनों ने इस नए अध्याय का स्वागत किया। उनका कहना है कि टैरिफ में व्यापक कटौती से दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय प्रवाह को गति और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए लागू होने से कई चीजों के दाम कम हो जाएंगे।
भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने पिछले साल समझौते पर किए थे हस्ताक्षर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पिछले साल जुलाई में दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते से साल 2030 तक दोनों देशों के बीच होने वाले सालाना व्यापार को 48 अरब पाउंड के मौजूदा स्तर से कम से कम दोगुना होने का अनुमान है। इसके साथ ही, लॉन्ग टर्म में दोनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में हर साल करीब पांच अरब पाउंड की बढ़ोतरी होगी।
भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया है। पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ”कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) और ‘सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट’ के लागू होने से हमारे आर्थिक संबंध और भी गहरे होंगे। ये समझौते मिलकर हमारे लोगों के लिए हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं को ठोस अवसरों में बदलेंगे। CETA हमारे किसानों, उद्यमियों और MSME को नई गति देगा। भारत और UK मिलकर साझा समृद्धि के लिए काम करते रहेंगे।”
फाइनेंशियल और प्रोफेशनल सर्विस के सेक्टर में नए मौके बनाएगा ये व्यापार समझौता
सिटी ऑफ लंदन की लॉर्ड मेयर डेम सुसान लैंगली ने कहा, ”ये समझौता हमारे कारोबारों के लिए व्यापार, निवेश और विस्तार को आसान बनाएगा। ये फाइनेंशियल और प्रोफेशनल सर्विस के सेक्टर में नए अवसर पैदा करेगा।” भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए ब्रिटेन की फाइनेंशियल कैपिटल की ग्लोबल एम्बेसडर ने कहा कि उन्होंने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत में मौकों की व्यापकता को करीब से देखा है। उन्होंने सीईटीए को दोनों देशों के लिए ”ऐतिहासिक” करार दिया।
अब तक के सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक
एयरोनॉटिक्स से लेकर फूड, हेल्थ सर्विस से लेकर फाइनेंशियल सर्विसेज तक, सीईटीए को भारत के अब तक के सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक बताया गया है। इस समझौते से कपड़े, जूते-चप्पल और इंजीनियरिंग उत्पाद जैसे लाखों लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को समर्थन मिलेगा। यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के ग्रुप सीईओ डॉ. किशोर जयरमण ने कहा, ”सीईटीए की शुभकामनाएं। लंबे समय से इस समझौते का इंतजार किया जा रहा था, जो ब्रिटेन और भारत जैसी दो महान अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार और अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।”
स्टैंडर्ड चार्टर्ड की ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ने बताया ऐतिहासिक कदम
ग्रांट थॉर्नटन यूके के पार्टनर और साउथ एशिया बिजनेस ग्रुप के हेड अनुज चंदे ने कहा, ”दोनों देशों के लिए इसकी संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। हर साल 25 अरब पाउंड अतिरिक्त व्यापार का जो अनुमान लगाया जा रहा है, वो भी संभवतः वास्तविक क्षमता से कम है।” स्टैंडर्ड चार्टर्ड की ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तनुज कपिलाश्रमी ने इस एफटीए को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण डेवलपमेंट कॉरिडोर में से एक के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
ब्रिटिश इंडस्ट्री को भारत में कारोबार करने में होगी आसानी
ब्रिटेन की संसद के एक एनालिसिस के अनुसार, भारतीय बाजार में कारोबार करने में कंपनियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। साल 2024 में एवरेज इंपोर्ट ड्यूटी 12 प्रतिशत थी, जबकि ड्रिंक्स और तंबाकू पर 150 प्रतिशत, कपड़ों पर 255 प्रतिशत और ट्रांसपोर्ट एक्विपमेंट पर 125 प्रतिशत टैरिफ लगता था।
PTI INPUTS
ये भी पढ़ें
चांदी की कीमतों में ₹2000 से ज्यादा की गिरावट, सोना भी हुआ सस्ता- चेक करें आज के ताजा भाव






































