महाराष्ट्र सरकार गहरे समुद्र में काम करने वाले मछुआरों को सैटेलाइट फोन की सुविधा देने की तैयारियों में जुटी है। मछुआरों के लिए सैटेलाइट फोन तट के साथ बिना किसी बाधा के संचार को सक्षम करके जीवन रेखा के रूप में काम कर सकती है। मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने मंगलवार को कहा कि मत्स्य पालन विभाग प्रस्तावित सुविधा पर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के साथ चर्चा कर रहा है।
मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
नितेश राणे के ऑफिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, महाराष्ट्र के मत्स्य पालन विभाग ने बीएसएनएल की वैश्विक सैटेलाइट फोन सेवा (GSPS) की समीक्षा की, जिसमें पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से बाहर वाले क्षेत्रों में संचार बनाए रखने के लिए इसकी कवरेज, तकनीकी विशेषताएं और उपयुक्तता शामिल है। मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गहरे समुद्र में ‘मोबाइल कनेक्टिविटी’ न होने की वजह से अक्सर आपात स्थिति के दौरान संचार में काफी दिक्कतें आती हैं।
सैटेलाइट फोन से मछुआरों को दूरदराज के इलाकों में मिलेगी संचार की सुविधा
नितेश राणे ने कहा, ”सैटेलाइट फोन तट के साथ बिना किसी बाधा के संचार को सक्षम करके मछुआरों के लिए जीवन रेखा के रूप में काम कर सकते हैं। सरकार बीएसएनएल के साथ समन्वय में इस सुविधा को शुरू करने के बारे में सकारात्मक है, जो समुद्री सुरक्षा, बचाव अभियान और संचार को मजबूत करेगी।” राणे ने कहा कि प्रस्तावित सेवा मछुआरों को दूरदराज के अपतटीय क्षेत्रों में भी जुड़े रहने में सक्षम बनाएगी, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं। इससे उन्हें खराब मौसम, मैकेनिकल खराबी, मेडिकल इमरजेंसी और अन्य संकटों के दौरान तत्काल सहायता प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
सैटेलाइट फोन पहल से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को सुरक्षित बनाने की उम्मीद
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित सुविधा से मछली पकड़ने वाले जहाजों और तट के बीच निरंतर संचार सुनिश्चित करके बचाव एजेंसियों को ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार ‘मछुआरा सुरक्षा पहले’ नीति के तहत आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है और सैटेलाइट फोन पहल से मत्स्य पालन क्षेत्र का आधुनिकीकरण करते हुए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को सुरक्षित बनाने की उम्मीद है। बताते चलें कि अभी हाल ही में बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने वाली ट्रॉलर लापता हो गई थी। इस ट्रॉलर में कुल 15 मछुआरे थे, जिनमें से 9 मछुआरों के शव बरामद कर लिए गए थे और बाकी के 6 मछुआरों का अभी तक कुछ पता नहीं चला है।
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