श्रीनगरः कश्मीर घाटी में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकवादियों से बरामद किए गए हथियारों को कश्मीर में स्थित ‘फिफ्टीन कोर मुख्यालय’ के भीतर बने एक संग्रहालय ‘इबादत-ए-शहादत’ में एक साथ सुरक्षित रखे गए हैं। 1990 से लेकर अब तक, ‘ऑपरेशन रक्षक’ जैसे अभियानों के दौरान भारतीय सेना ने अलग-अलग समय पर मारे गए आतंकवादियों से बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए हैं। इनमें पिस्तौल, AK-47, AK-56 राइफलें और अन्य हथियार बड़ी मात्रा में शामिल हैं।
ये वे हथियार हैं जो कश्मीर घाटी में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकवादियों से बरामद किए गए थे। भारतीय सेना द्वारा उन्हें मार गिराए जाने के बाद, इन हथियारों को ज़ब्त कर लिया गया था। आप इनमें से कई हथियारों पर अभी भी गोलियों के निशान देख सकते हैं, जो उन मुठभेड़ों की तीव्रता को दर्शाते हैं। सेना का कहना है कि जब भी आप कश्मीर जाएँ, तो इस जगह को देखना न भूलें और पूरे गर्व व कृतज्ञता के साथ देश के वीर सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें।
यहां देखें वीडियो
सेना के पराक्रम की कहानी बयां करता है संग्रहालय
बता दें कि इबादत-ए-शहादत’ संग्रहालय का उद्घाटन 8 दिसंबर 2004 को दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने किया था। यह संग्रहालय इंडियन आर्मी के पराक्रम की कहानी बयां करता है। यह प्रदर्शनी कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, सुरक्षा बलों के संघर्ष और समर्पण से जुड़ी वस्तुओं को प्रदर्शित करता है।






































