देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बैंक का शेयर एक ही दिन में 5% से ज्यादा टूट गया, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू में करीब ₹64,685 करोड़ की गिरावट आ गई। बैंक के जून तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद निवेशक निराश दिखे और इसी वजह से शेयरों पर भारी दबाव बना। एचडीएफसी बैंक की कमजोरी का असर पूरे शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।
एचडीएफसी बैंक ने अप्रैल-जून तिमाही में ₹19,060 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 5% ज्यादा है। हालांकि, बैंक की कुल आय घटकर ₹92,184 करोड़ रह गई, जबकि एक साल पहले यह ₹99,200 करोड़ थी। वहीं, बैंक की ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी घटकर ₹28,169 करोड़ रह गई, जो पिछले वर्ष ₹35,734 करोड़ थी।
NIM ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को लेकर रही। बैंक का NIM कुल परिसंपत्तियों के आधार पर 3.26% रहा, जो बाजार की उम्मीद से कमजोर माना गया। यही वजह रही कि बेहतर मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, एचडीएफसी बैंक के नतीजों में मार्जिन पर दबाव साफ दिखाई दिया, जिससे बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का भरोसा कुछ कमजोर हुआ।
शेयर बाजार पर भी पड़ा असर
एचडीएफसी बैंक में आई भारी गिरावट का असर पूरे बाजार पर देखने को मिला। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स 442.93 अंक गिरकर 77,708.52 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 95.80 अंक फिसलकर 24,238.50 पर आ गया। एचडीएफसी बैंक की गिरावट ने बैंकिंग इंडेक्स पर भी दबाव बनाया।
आगे क्या रहेगी नजर?
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन, लोन ग्रोथ और आय में सुधार पर रहेगी। यदि बैंक इन मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन करता है, तो शेयर में दोबारा मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल कमजोर मार्जिन और घटते ऑपरेटिंग प्रॉफिट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते एचडीएफसी बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।






































