
भारत का जीएमआर ग्रुप सऊदी अरब में 80 करोड़ डॉलर की नई ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने की पात्रता चरण को पार कर चुका है। ये जानकारी सऊदी अरब के नेशनल सेंटर फॉर प्राइवेटाइजेशन एंड पीपीपी (एनसीपी) ने दी। ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने वाली पात्र कंपनियों की लिस्ट में जीएमआर के अलावा बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड-टेमासेक का कॉन्सॉर्टियम, तुर्की की टीएवी एयरपोर्ट्स-मादा इंटरनेशनल होल्डिंग का कॉन्सॉर्टियम, आयरलैंड की डीएए इंटरनेशनल की अगुवाई वाला कॉन्सॉर्टियम और काल्योन इंसात कॉन्सॉर्टियम के नाम शामिल हैं।
30 साल के लिए दी जाएगी एयरपोर्ट संभालने की जिम्मेदारी
ये प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाओ, चलाओ, सौंपो (BTO) कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर दी जाएगी, जिसकी अवधि निर्माण काल सहित 30 साल होगी। नया ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक एडवांस्ड कमर्शियल पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग से लैस होगा, जिसे एयरपोर्ट की अनुमानित क्षमता और मांग के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, इसमें सपोर्ट बिल्डिंग, यूटिलिटी नेटवर्क, कार पार्किंग और कनेक्टिंग सड़कें शामिल होंगी, जो ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के स्टैंडर्ड ऑपरेशन्स को सुनिश्चित करेंगी।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ऑपरेट करता है जीएमआर
बताते चलें कि जीएमआर ग्रुप, लंबे समय से देश की राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ऑपरेट करता आ रहा है। जीएमआर न सिर्फ देश की राजधानी दिल्ली आने वाले और यहां से जाने वाले यात्रियों को एक शानदार अनुभव प्रदान कर रहा है बल्कि देश के सबसे बिजी एयरपोर्ट को काफी अच्छी तरह से संभाल भी रहा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 10.5 करोड़ यात्रियों की है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 12.5 करोड़ करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। सालाना 10 करोड़ से ज्यादा यात्री क्षमता वाले एयरपोर्ट की लिस्ट में दुनिया के सिर्फ गिने-चुने एयरपोर्ट के नाम ही हैं और इसमें दिल्ली एयरपोर्ट भी शामिल है।





































