सोने की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली है। बुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना ₹900 गिरकर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। मंगलवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत ₹1,54,900 प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,888 प्रति 10 ग्राम, जबकि 18 कैरेट सोने का भाव ₹116,175 प्रति 10 ग्राम रहा। दूसरी ओर, चांदी की कीमत लगातार दूसरे दिन ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। बताया जा रहा है कि हाई लेवल पर कारोबार कर रहे सोने में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर दबाव आया। डॉलर इंडेक्स भी बढ़कर करीब 100.85 तक पहुंच गया। वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमत कमजोर रही। स्पॉट गोल्ड करीब 1 फीसदी गिरकर 4,317.09 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत लगभग 3 फीसदी घटकर 65.17 डॉलर प्रति औंस रही।
ब्याज दरों की उम्मीद का भी असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की सख्त मौद्रिक नीति वाली टिप्पणियों से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद मजबूत हुई है। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश पर दबाव बढ़ सकता है।
एक साल में करीब 60 फीसदी महंगा हुआ सोना
हाल की गिरावट के बावजूद सोना पिछले साल की तुलना में काफी महंगा है। घरेलू बाजार में सोने की कीमत करीब एक साल में ₹98,000 से बढ़कर लगभग ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई है। इस दौरान वैश्विक तेजी, रुपये में कमजोरी और अप्रैल में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने जैसे कारणों का असर रहा। महंगे सोने के कारण ग्राहकों के खरीदारी के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारी-भरकम ज्वेलरी के बजाय लोग हल्की ज्वेलरी, पुराने सोने की एक्सचेंज और गोल्ड कॉइन, डिजिटल गोल्ड तथा ETF जैसे ऑप्शन की ओर देख रहे हैं।
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