सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक संस्थाओं को ‘स्टार्टअप’ के रूप में मान्यता दी गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, 2016 में शुरू की गई Startup India पहल के बाद किसी एक वर्ष में यह सबसे अधिक संख्या है, जो देश में तेज़ी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का संकेत देती है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह पहल 16 जनवरी 2016 को एक व्यापक एक्शन प्लान के साथ शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य इनोवेशन को बढ़ावा देना, निजी निवेश को आकर्षित करना और पूरे देश में स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना था।
मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या
खबर के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक देश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2.23 लाख से अधिक हो चुकी है। इन कंपनियों ने अब तक 23.36 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए हैं, जो अर्थव्यवस्था में इनके बढ़ते योगदान को दर्शाता है। सरकार स्टार्टअप्स को मजबूत करने के लिए कई प्रमुख योजनाओं के माध्यम से सहयोग दे रही है, जिनमें स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना और स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी योजना शामिल हैं। ये योजनाएं स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं।
26,900 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश
FFS के तहत 2025-26 के अंत तक 135 से अधिक अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है। इन फंड्स ने आगे 1,420 से अधिक स्टार्टअप्स में 26,900 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है, जिससे इन कंपनियों के विस्तार को गति मिली है। सरकार ने इस पहल को आगे बढ़ाते हुए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को भी अधिसूचित किया है, जिससे स्टार्टअप्स के लिए पूंजी की उपलब्धता और बढ़ेगी।
गारंटी कवरेज का दायरा बढ़ाया गया
इसके साथ ही, ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स’ का विस्तार किया गया है। इसके तहत प्रति उधारकर्ता गारंटी सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही गारंटी कवरेज का दायरा बढ़ाया गया है और कुछ क्षेत्रों में ऋणदाताओं के लिए वार्षिक शुल्क कम किया गया है। 2025-26 के अंत तक 410 से अधिक ऋणों पर 1,250 करोड़ रुपये से ज्यादा की गारंटी दी जा चुकी है। वहीं, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत 219 इनक्यूबेटर्स का चयन किया गया है और 945 करोड़ रुपये की पूरी राशि आवंटित की जा चुकी है। इन इनक्यूबेटर्स ने 3,400 से अधिक स्टार्टअप्स को 605 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग मंजूर की है। योजना को आगे भी जारी रखा गया है, ताकि स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन पूरा हो सके।
पेटेंट फाइलिंग में भी तेज वृद्धि
इनोवेशन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। स्टार्टअप्स द्वारा 19,400 से अधिक पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए हैं। पेटेंट फाइलिंग में भी तेज वृद्धि हुई है, जो 2024-25 में 2,850 से बढ़कर 2025-26 में 4,480 से अधिक हो गई है। कुल मिलाकर, ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है और सरकारी नीतियां इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।






































