लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग हुई जिसमें सत्ता पक्ष को दो तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। विपक्ष के बिल के विरोध में मतदान करने के बाद संसद में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। इसके बाद आज हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों के प्रति नाराजगी जताई और कहा कि महिलाओं को 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देने वाले बिल को गिराकर विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की है। पीएम मोदी ने कहा, देश की महिलाएं उनको माफ नहीं करेगी, विपक्ष को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष को इसके परिणाम भुगतने होंगे और महिलाओं को जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने देश की महिलाओं को निराश किया है। यह संदेश हर व्यक्ति तक, हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए।”
लोकसभा में बिल को नहीं मिला एक तिहाई बहुमत
पीएम मोदी की यह आलोचना उस महत्वपूर्ण विधेयक के संसद में असफल होने के एक दिन बाद आई है, जिसे सरकार के रुख पर विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा था। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना था। लेकिन यह लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा। गुरुवार से शुरू हुई और शुक्रवार की मध्यरात्रि तक चली गरमागरम बहस के बाद विधेयक के पक्ष में केवल 298 मत पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया।
पीएम मोदी ने कहा था-अंतरात्मा की आवाज को सुनें
पीएम मोदी ने शुक्रवार को बिल पर वोटिंग से पहले कहा था, मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा। कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें। मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए।







































