नई दिल्लीः शिवसेना (UBT) समेत अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसदों में टूट पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले महीने मोदी सरकार महिलाओं के आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) से जुड़ा परिसीमन बिल पास करा सकती है। मुझे लगता है कि यह पास हो जाएगा। मुझे विश्वास है कि इस बार हमें दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है।
रामदास अठावले ने कहा है कहा कि जुलाई के तीसरे सप्ताह में संसद का जो सत्र चालू होगा। उसमें सरकार महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। पिछले सत्र में विपक्षी दलों ने महिलाओं को आरक्षण देने वाले बिल का समर्थन नहीं किया था। देश के लोगों को लगता है कि सरकार का समर्थन करना चाहिए। इसलिए विपक्षी पार्टियों के सांसद एनडीए के साथ जुड़ रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसदों में भी हो सकती है टूटः अठावले
अठावले ने कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के 9 सांसदों में से छह सांसद एकनाथ शिंदे के साथ आ गए हैं। इससे महाराष्ट्र में हमारे एनडीए और महायुति की ताकत बढ़ी है। अब एक बहुत अच्छी बात हुई है कि डीएमके ने कांग्रेस के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया है। ममता बनर्जी की पार्टी के कई सांसद भी हमारे साथ (एनडीए) जुड़ गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कुछ दिनों पर आम आदमी पार्टी के भी कुछ लोकसभा सांसद हमारे साथ आ सकते हैं। आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसद पहले ही आ चुके हैं।
यहां देखें वीडियो
उद्धव ठाकरे के लिए था डिप्टी सीएम का मौका
शिवसेना (UBT) के सांसदों में टूट पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, ” उद्धव ठाकरे के लिए अपने विधायकों और सांसदों को संभालना मुश्किल हो रहा है क्योंकि उन्होंने 2019 में गलती की थी। 2019 में मुख्यमंत्री बनने के लिए देवेंद्र फडणवीस का समर्थन करना उनके (उद्धव ठाकरे) लिए ज़रूरी था। वे उपमुख्यमंत्री बन सकते थे लेकिन उन्होंने एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया।
बता दें कि विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल इसलिए विपक्षी दलों के सांसदों को तोड़ रहे हैं क्योंकि सरकार परिसीमन बिल पास कराना चाहती है। अब अठावले के बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार अगले महीने परिसीमन बिल पास करा सकती है।
ये भी पढ़ेंः लोकसभा स्पीकर ओम बिरला 19 जून को ममता बनर्जी गुट का पक्ष सुनेंगे, अभिषेक बनर्जी को बुलाया
आज ओम बिरला से मुलाकात, शिंदे संग बैठक; शिवसेना स्थापना दिवस से पहले उद्धव की पार्टी में बड़ी टूट!







































