केरल सरकार ने राज्य के टैक्सपेयर्स, वाहन मालिकों और कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए संशोधित बजट 2026-27 में कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए टैक्स राहत, एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) और वाहन टैक्स में बदलाव जैसे कई फैसलों का ऐलान किया। सरकार का कहना है कि इन कदमों से लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा, कारोबार को राहत मिलेगी और राजस्व संग्रह में भी सुधार होगा।
बकाया टैक्स चुकाने वालों को बड़ी राहत
सरकार ने फ्लड सेस एरियर सेटलमेंट स्कीम 2026 की घोषणा की है। इसके तहत जिन कारोबारियों पर फ्लड सेस का बकाया है, वे यदि मूल राशि का पूरा भुगतान कर देते हैं तो उन्हें ब्याज और जुर्माने से पूरी तरह छूट मिल जाएगी। इस योजना का लाभ 31 मार्च 2027 तक लिया जा सकेगा। इसके अलावा प्री-जीएसटी टैक्स कानूनों के तहत लंबित छोटे बकाया मामलों के लिए भी राहत दी गई है। 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक के टैक्स बकाये को ब्याज और पेनाल्टी सहित पूरी तरह माफ करने का प्रस्ताव रखा गया है।
वाहन टैक्स में बड़ा बदलाव
केरल सरकार ने सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए वाहन कर में भी संशोधन किया है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) बसों पर लगने वाला तिमाही टैक्स काफी कम कर दिया गया है। प्रति सीट टैक्स 2,000 रुपये से घटाकर 900 रुपये कर दिया गया है, जबकि स्लीपर सीट पर टैक्स 3,000 रुपये से घटाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे अधिक टूरिस्ट बसें केरल में रजिस्टर होंगी और अंतरराज्यीय यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला फायदा
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोड टैक्स में भी राहत दी गई है। 10 लाख रुपये तक की कीमत वाले ईवी पर टैक्स 5 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया है। वहीं 15 से 20 लाख रुपये तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स 8 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि 40 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है।
ट्रैफिक चालान और स्टांप ड्यूटी मामलों में राहत
सरकार ने ई-चालान एमनेस्टी स्कीम भी शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा केवल 50 फीसदी राशि जमा कराकर किया जा सकेगा। साथ ही रजिस्ट्रेशन विभाग में वर्षों से लंबित स्टांप ड्यूटी से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई गई है। इससे करीब 1.46 लाख मामलों का समाधान होने की उम्मीद है।
दिव्यांगों को भी मिला बड़ा लाभ
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए वाहन कर छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है। पहले यह सुविधा 7 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों पर मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।







































