नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जन्मदिन पर DMK नेता एमके स्टालिन ने बेहद ठंडे अंदाज में बधाई दी है। हालांकि राहुल गांधी की ओर से दिए गए जवाब में रिश्तों की ‘एक साथ मिलकर लड़ाई लड़ने’ की बात कही गई। तमिलनाडु में दोनों पार्टियों का गठबंधन टूटने के बाद स्टालिन और राहुल के संदेशों में बीते एक साल के दौरान आए राजनीतिक बदलाव साफ दिखाई दिए।
पिछले साल से काफी अलग रही बधाई
पिछले साल 19 जून 2025 को राहुल गांधी के जन्मदिन पर स्टालिन ने उन्हें बेहद आत्मीय अंदाज में शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने राहुल गांधी को ‘भाई’ बताते हुए लिखा था कि दोनों का रिश्ता खून का नहीं, बल्कि विचारों, दृष्टि और उद्देश्य का है। स्टालिन ने राहुल गांधी की दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा था कि बेहतर भारत की दिशा में उनकी साझा यात्रा जीत तक पहुंचेगी। लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आई। शुक्रवार को राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देते हुए स्टालिन ने केवल इतना लिखा,
‘माननीय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। आपके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करता हूं।’
राहुल ने बधाई का जवाब यूं दिया
राजनीतिक गलियारों में स्टालिन के इस संक्षिप्त और औपचारिक संदेश को कांग्रेस और डीएमके के बीच बढ़ी दूरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जहां पिछले साल के संदेश में व्यक्तिगत अपनापन और राजनीतिक साझेदारी झलक रही थी, वहीं इस बार बधाई पूरी तरह औपचारिक रही। हालांकि राहुल गांधी के जवाब में रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश दिखाई दी। स्टालिन को धन्यवाद देते हुए उन्होंने लिखा,
‘भारत के विचार, संविधान और संघीय ढांचे की रक्षा करने का हमारा साझा संकल्प आगे भी हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा की रक्षा की लड़ाई है और हम इसे मिलकर लड़ेंगे, जब तक जीत हासिल नहीं कर लेते।’
TVK के चलते बढ़ा दोनों में तनाव
राहुल गांधी के इस जवाब को DMK की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने और रिश्तों में आई तल्खी को कम करने की कोशिश माना जा रहा है। हाल के महीनों में कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद DMK की बजाय TVK के साथ राजनीतिक गठजोड़ करने का फैसला दोनों दलों के रिश्तों में तनाव का कारण बना है। कांग्रेस के इस कदम से नाराज DMK ने पार्टी से दूरी बना ली है और INDIA गठबंधन से भी खुद को अलग-थलग कर लिया है।
कांग्रेस से दूरी बनाती जा रही है DMK
बता दें कि इसी महीने हुई I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में DMK ने हिस्सा नहीं लिया था। इसके अलावा पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में नई सीट व्यवस्था की मांग भी की है, क्योंकि वह अब कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना नहीं चाहती। वहीं, अब राहुल गांधी को स्टालिन द्वारा दिए गए बधाई संदेश ने भी यही इशारा किया है कि अभी भी कम से कम DMK की तरफ से कांग्रेस को लेकर कोई गर्मजोशी नहीं हैं।
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