22 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

एकता कपूर के रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के इवेंट के दौरान रितेश देशमुख से सलमान खान और संजय दत्त को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर रितेश ने जवाब देने से इनकार कर दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया, “क्योंकि आपके सबसे करीबी दोस्त सलमान खान और संजय दत्त हैं। उन्हें ‘लॉक अप’ का काफी एक्सपीरियंस है, तो क्या आप उन्हें शो में लाएंगे और उन्हें क्या सजा देंगे?” इस पर रितेश ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं आपके सवाल का जवाब देकर उसे कोई सम्मान देना चाहूंगा।”
इसके बाद सवाल पूछने वाले ने कहा कि उसने आसान सवाल पूछा है। इस पर रितेश ने जवाब दिया, “आपका सवाल है, मैं उसका जवाब नहीं देना चाहता। मेरा काम सिर्फ शो होस्ट करना है। एक होस्ट के तौर पर मुझे पहले से नहीं पता होता कि शो में कौन से कैदी या गेस्ट आने वाले हैं। जो भी गेस्ट आते हैं, हम उनसे बातचीत करते हैं।”

‘लॉक अप: सच या सजा’ 27 जून से शुरू होगा
चार साल बाद रियलिटी शो ‘लॉक अप’ का नया सीजन आ रहा है। मेकर्स ने इसका नाम ‘लॉक अप: सच या सजा’ रखा है। इस बार शो का प्रीमियर 27 जून 2026 को होगा। अब यह शो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। पहले सीजन को एमएक्स प्लेयर और ऑल्ट बालाजी पर दिखाया गया था। इस बार होस्ट भी बदल गए हैं। पहले सीजन को कंगना रनोट ने होस्ट किया था, लेकिन नए सीजन में उनकी जगह फराह खान और रितेश देशमुख नजर आएंगे। दोनों शो में ‘जेलर’ की भूमिका निभाएंगे।
गौरतलब है कि भारत में नेटफ्लिक्स के पास बड़े सितारे, बड़े बजट और वैश्विक पहचान है। फिर भी वह अमेजन प्राइम, जियोहॉटस्टार और दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना पाया।
जहां दूसरे प्लेटफॉर्म ऐसे किरदार और कहानियां बनाने में सफल रहे, जो लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए, वहीं नेटफ्लिक्स के कई चर्चित प्रोजेक्ट रिलीज के कुछ समय बाद भुला दिए गए। इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने डायरेक्टर विवेक शर्मा, लेखक धीरज मिश्रा और ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन से बातचीत की थी।
विवेक शर्मा ने कहा कि नेटफ्लिक्स ने नए फिल्ममेकर्स और नई कहानियों के बजाय बड़े सितारों और बड़े बैनरों पर ज्यादा भरोसा किया। प्लेटफॉर्म को नए टैलेंट और मजबूत कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए।
वहीं, धीरज मिश्रा ने कहा कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की पसंद और भावनाओं को समझने में पीछे रह गया। उनका मानना है कि ‘लॉक अप 2’ के जरिए प्लेटफॉर्म बड़े दर्शक वर्ग से जुड़ने की कोशिश कर रहा है।
अतुल मोहन ने कहा कि नेटफ्लिक्स की प्रीमियम पोजिशनिंग और महंगी सदस्यता ने उसकी पहुंच सीमित कर दी। कम कीमत में ज्यादा वैल्यू देने वाले प्लेटफॉर्म भारतीय बाजार में आगे निकल गए। पूरी खबर यहां पढ़ें…








































